महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के एससी-एसटी सम्मेलन में आरक्षित सीटों पर बाहरी लोगों को टिकट न दिए जाने की मांग उठी।
वक्ताओं ने ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पूरी तरह से आरक्षण लागू किए जाने की बात कही। इस मौके पर दलित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष का संकल्प लिया गया।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन में विधानमंडल दल के पूर्व नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने महिला सशक्तीकरण के लिए जो कार्य किए, उसे भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में विश्व में स्थापित किया। आज कुछ लोग भगवान के नाम पर धार्मिक भावनाएं भड़काकर समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
वहीं पूर्व मंत्री रामलाल राही ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि से प्रेरणा लेकर दलित समाज को अपने विकास के लिए तत्पर रहना होगा, तभी मान-सम्मान हासिल हो सकता है।
आज कुछ लोग दलित महापुरुषों के नाम पर वोट की राजनीति कर रहे हैं। पूर्व मंत्री राज बहादुर ने कहा कि दलित समाज के महापुरुषों ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।
इसलिए सभी का कर्तव्य है कि दलित समाज के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करें। सम्मेलन का संयोजन श्यामलाल पुजारी ने किया।
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