लखनऊ। संविधान दिवस पर ट्रांसजेंडर समुदाय ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार उन्हें भी समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए विशेष पहल करे। साथ ही उन्हें अलग से दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
समुदाय के प्रतिनिधि देविका देवेंद्र एस मंगलामुखी जी ने कहा कि आज भी ट्रांसजेंडर समाज के सबसे शोषित, वंचित और उपेक्षित वर्गों में से हैं। संविधान लागू हुए 75 वर्ष से अधिक समय बाद भी ट्रांसजेंडरों को वह अधिकार, समान अवसर और सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं। संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हर वर्ग को न्याय और समानता देने का संकल्प लिया था, लेकिन आज भी ट्रांसजेंडर समुदाय उस समानता से वंचित है। समाज में उन्हें मुख्यधारा का हिस्सा नहीं माना जाता है।