लखनऊ पूरब सीट से भले ही लालजी टंडन के पुत्र गोपाल टंडन को टिकट दिया गया हो लेकिन असली प्रतिष्ठा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की दांव पर लगी है।
यहां के नतीजे सीधे तौर पर राजनाथ की पकड़ व पहुंच की कसौटी बनेंगे। राजनाथ लखनऊ से सांसद हैं।
उन्हें अपने चुनाव में विधानसभा की इस सीट पर लगभग एक लाख से अधिक वोटों से बढ़त मिली थी।
स्वाभाविक है कि उपचुनाव में गोपाल टंडन के वोटों की तुलना राजनाथ को यहां मिले वोटों से होगी।
जहां तक गोपाल को टिकट मिलने का सवाल है तो भाजपा ने एक तरह से लोकसभा चुनाव में लालजी टंडन का टिकट काटने की भरपाई की है।
महापौर डॉ. दिनेश शर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पहले ही लोकसभा चुनाव में टिकट न देने की भरपाई की जा चुकी है।