माना जा रहा है कि राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों को अयोध्या भ्रमण कराने के पीछे कहीं न कहीं एक वजह अयोध्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार के पक्ष को मजबूती से रखना भी नजर आ रहा है।
सरकार इन प्रतिनिधियों को संबंधित स्थल का भ्रमण कराकर कहीं न कहीं यह संदेश भी देना चाह रही है कि श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर पैदा किया गया विवाद निराधार था।
तभी तो न सिर्फ संबंधित स्थल बल्कि पूरी अयोध्या में सभी जगह इस नगरी के राम से संबंधित होने के प्रमाण मिल रहे हैं। भ्रमण कराने के पीछे एक कारण धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अयोध्या को महत्व दिलाने की कोशिश भी लग रही है।