पार्षद ने बताया कि बुधवार को सील इलाके में डिलीवरी बॉय तक को प्रवेश नहीं करने दिया गया। मड़ियांव के सिटीजन जर्नलिस्ट जावेद ने बताया कि सील इलाके में उनकी गाड़ी की मरम्मत की दुकान है जिसके बंद होने से काफी समस्या आ रही है। इलाके में पुलिस की सख्ती है लेकिन लोगों को जरूरी सामान की कोई दिक्कत नहीं आ रही।
नजरबाग इलाके के सिटीजन जर्नलिस्ट कामरान बेग का कहना है कि हॉटस्पॉट में 800 के आसपास मकान हैं। यहां 80 फीसदी रोज कमाने-खाने वाले हैं। इलाके में 30 दुकानें हैं जो लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध करा रही हैं।
होम डिलीवरी हो रही है। तालकटोरा के इमरान ने बताया कि मिलीजुली आबादी वाले क्षेत्र में ज्यादातर लोग नौकरीपेशा हैं। कुछ दिहाड़ी मजदूर भी हैं जो काफी परेशान हैं। प्रशासन सबके लिए इंतजाम कर रहा है लेकिन फिर भी कुछ लोगों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है।
त्रिवेणीनगर के अनवारुल ने बताया कि सील इलाके में 30 परिवारों में से किसी को विशेष समस्या नहीं है। यहां का माहौल ठीक है। गुडंबा के रजौली के ग्राम प्रधान लल्लन ने बताया कि इलाके के 50-60 परिवार अपनी बचत के रुपयों और सरकारी मदद पर निर्भर हैं। बुधवार को कोटेदार ने निशुल्क राशन बांटा। प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद मिल रही है।
दुकानों पर भी मिल रहा जरूरत का सामान
वजीरगंज के कारोबारी मो. शादाब ने बताया कि अस्तबल चारबाग इलाके में करीब 700 मकान में 2500 के आसपास लोग रहते हैं। इसमें अधिकतर रोज कमाने-खाने वाले हैं। इलाके में छोटी-बड़ी 25 दुकानें हैं जिनसे लोग जरूरत का सामान खरीद रहे हैं। प्रशासन की तरफ से भी मदद मिल रही है।