लखनऊ। तेजस एक्सप्रेस की चेयरकार बोगी की एसी कूलिंग पिछले हफ्ते ठप हो गई थी। बीते शुक्रवार को बिहार सप्तक्रांति में यही समस्या आई। ऐसी शिकायतें रोजाना आ रही हैं। पिछले एक महीने में एसी कूलिंग फेल होने की 132 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
भीषण गर्मी में यात्रियों का सफर अधिकारियों की लापरवाही के चलते मुहाल हो रहा है। बोगियों की मरम्मत में संजीदगी नहीं बरती जा रही है। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि बोगियों में एसी की सफाई गर्मी शुरू होने के महीनेभर पहले हो जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता, जिससे गर्मी शुरू होने पर एसी चलते ही दिक्कतें पैदा होने लगती हैं। इतना ही नहीं तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रखा जाता है, जबकि लखनऊ में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है। ऐसे में कूलिंग ढंग से काम नहीं कर पाती।
सात-सात टन के लगते हैं एसी
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि बोगियों में सात-सात टन के दो एसी लगाए जाते हैं। चूंकि आरक्षित श्रेणी की एसी बोगियों में आम यात्री भी प्रवेश कर जाते हैं। इससे भीड़ बढ़ती है और कूलिंग कम होने की शिकायतें आने लगती हैं।
इसलिए भी होती है दिक्कत
लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों लगातार चलती रहती हैं। इससे एसी बंद नहीं होते और लगातार चलते रहने से तकनीकी दिक्कतें आ जाती हैं। एसी की मरम्मत भी नियमित रूप से नहीं होती। बार-बार दरवाजा खोले जाने से भी बोगी ठंडी नहीं हो पाती।