एक वयस्क व्यक्ति नियमित रूप से एक दिन में 60 मिनट साइकिलिंग करता है तो तनाव उसके पास नहीं फटक सकता।
जब हम साइकिलिंग करते हैं तो शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है और पिट्यट्री व एड्रीनल ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोंस का स्राव अधिक होता है।
जो तनाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। चिकित्सक भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। शुक्रवार को साइकिल सम्मान यात्रा के दूसरे दिन समाजसेवी तारा पाटकर ने ये संदेश दिया।
‘साइकिल चलाओ तनाव दूर भगाओ’ का संदेश देते हुए कुकरैल पिकनिक स्पॉट से विधानभवन की दूरी साइकिल से तय की। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव सबसे बड़ी बीमारी बनती जा रही है।
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इसी से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग भी बढ़ रहा है। सर्दी में पसीना नहीं निकलता, इसलिए भोजन, पानी आदि के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने वाले जहरीले पदार्थ भी बाहर नहीं आ पाते।
साइकिलिंग के माध्यम से पसीना बहाकर हम ऐसे जहरीले पदार्थों को शरीर से बाहर कर सकते हैं। युवाओं को एक घंटे और बुजुर्गों को 20-25 मिनट की साइकिलिंग इस मौसम में जरूर करनी चाहिए।
उत्तम प्रदेश बनाओ मंच के अध्यक्ष तारा पाटकर ने बताया कि साइकिल मोबाइल जिम है। बताया कि साइकिल सम्मान यात्रा तीसरे दिन सुबह 11 बजे इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से शुरू होगी और विधानभवन पर आकर संपन्न होगी।
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