प्रेसवार्ता में बोलते भीमराव यशवंत आंबेडकर।
लखनऊ। संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. भीमराव आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भीमराव यशवंत आंबेडकर ने रविवार को प्रदेश सरकार पर हमला बोला। लखनऊ पहुंचने पर उन्होंने विधानसभा मार्ग स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय को हटाने की योजना को दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों की आस्था पर सीधा प्रहार बताया।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि आंबेडकर महासभा में बाबासाहेब की अस्थियां रखी हैं, जो शोषित और वंचित समाज के सम्मान का प्रतीक स्थल है। सरकार इसे प्रशासनिक उपयोग में लेने की बात कहकर हटाना चाहती है, लेकिन यह कदम करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार चाहे तो डॉ. आंबेडकर के सम्मान में नया स्मारक कहीं और बना सकती है, लेकिन मौजूदा स्थल हटाया गया तो उनका संगठन जनांदोलन करेगा।
उन्होंने सरकार पर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप भी लगाया। कहा कि प्रदेश में मस्जिदों और दरगाहों में मंदिर खोजने के नाम पर किए जा रहे सर्वे समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश हैं। प्रदेश में 27 हजार स्कूलों के बंद करने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का यह कार्य संविधान विरोधी कदम है।
इससे पहले उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा कार्यालय पहुंचकर बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस स्थल को नहीं विकसित करती है तो उनका संगठन जनसहयोग से इसे भव्य स्वरूप देगा।
प्रेसवार्ता में बोलते भीमराव यशवंत आंबेडकर।
प्रेसवार्ता में बोलते भीमराव यशवंत आंबेडकर।