सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव अधिक और बजट कम होने से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक ही काम को मंजूरी देने का निर्णय हुआ है। इस आधार पर विभाग अब प्रस्तावों की छटनी करेगा, इसके बाद सांसद-विधायकों की सहमति लेकर प्रस्ताव स्वीकृत किया जाएगा।
पर्यटन विभाग ने जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन, प्रसाद सहित अन्य पर्यटन विकास योजनाओं में शामिल करने की योजना बनाई है। ताकि केंद्र सरकार के बजट से वहां विकास कार्य कराए जा सके।