लखनऊ में मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए राजनाथ सिंह हर तरकीब का इस्तेमाल कर रहे है आज ही चर्च जाकर पादरियों से पार्टी के लिए समर्थन मांगा।
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कहा जा रहा है कि चुनावी समीकरण बनाने के लिए राजनाथ सिंह हर दर पर दस्तक दे रहे हैं।
हाल ही शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद से मिलकर मौलाना टोपी पहनने वाले राजनाथ ने शनिवार को पहाड़ी और ब्राह्मण मतदाताओं को रिझाने के लिए एनडी तिवारी के घर पहुंचे।
उन्होंने जैसे ही उनके पैर छुए तिवारी ने तपाक से कहा,‘अरे तू राजा, तेरा नाम ही राजनाथ है।’ भाजपा अध्यक्ष ने राजनाथ सेंट जोसफ कैथेड्रल चर्च भी गए, जहां उन्होंने पादरियों से मुलाकात की।
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पहुंचे एनडी तिवारी के घर
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी के माल एवेन्यू स्थित आवास के बाहर भाजपा समर्थकों की भीड़ नारेबाजी कर रही थी।
इस बीच 12 गाड़ियों के काफिले के साथ भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह वहां पहुंचे। तिवारी के ड्राइंग रूम में पत्रकार पहले से ही मौजूद थे।
वह अकेले में करीब 20 मिनट उनके साथ रहे। इसके बाद वह कैथेड्रल चर्च पहुंचे और पादरियों से मिले।
इसके पहले राजनाथ ने दलितों को भी पार्टी से जोड़ने के लिए सभा की थी।
राजनाथ के लिए रखी शर्त
शाम को ऋषि कौंडिल्य का प्रिय रहा गोमती का कुड़िया घाट ऐतिहासिक जनसभा और इस दौरान हुई घटनाओं साक्षी बना।
कुड़िया घाट पर जमा हुए विप्र जनों की ओर से माइक संभाले आचार्य श्यामलेश ने सभा शुरू होने पर बात रखी और राजनाथ से तीन वादे मांगे। दो टूक कहा कि अगर वे इन्हें पूरा करने का वादा करते हैं तो आगे बात की जाएगी, वरना सभा यहीं समाप्त कर दी जाएगी।
राजनाथ ने तुरंत हामी भरी। शंखनाद और विजयी भव: के नारे गूंजे और फिर सभा समापन की घोषणा। यह देखते ही राजनाथ सकपकाए और तुरंत बोले की ‘अरे मैंने तो आपकी ही बातों का जवाब दिया है, मैं यहां अपनी बात भी कहने आया था।
मुझे भी 5 मिनट सुन लीजिए।’ स्वकेंद्रित होते आयोजन पर एक ठहाका छूटा और आयोजकों और पूरी लखनऊ पुरोहित परिषद को गलती का अहसास हुआ। उन्होने तुरंत कॉर्डलैस माइक उन्हें उपलब्ध करवाया, तब जाकर वे बोल सके।
पंजाबियों से भी मिले
इससे पहले लखनऊ में राजनाथ की पहली चुनावी सभा का आयोजन पंजाबी और सिख समाज व क्षेत्रीय जनता के लिए नाका हिंडोला के गणेश गंज में भाजपा ने किया।
यहां राजनाथ ने 1984 के दंगों से लेकर, एनआरआई के भाजपा के प्रति सकारात्मक रुख, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि, आर्थिक विकास दर जैसे मुद्दों को उठाया और अपने पक्ष में वोट देने की अपील की।
साथ ही उन्होने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बांधे रखने की बात कहकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की आलोचना की।
फोन करोगे तो कॉल बैक करुंगा
राजनाथ सिंह ने कहा कि वे लखनऊ में जनता के बीच नहीं जा पाने की वजह से अपराधबोध महसूस कर रहे हैं।
उन्होने वादा किया कि जीतने पर वे सभी के बीच आकर विस्तार से बात करेंगे। उनके कार्यालय में कोई अपनी समस्या लेकर फोन करेगा तो उसका नाम, फोन नंबर नोट किया जाएगा और वे उसका जवाब देंगे।
मिलने नहीं दिया तो नाराजगी राजनाथ के माल्यार्पण के दौरान कई महिलाएं कुछ कहना चाह रही थीं, लेकिन उन्हें बहुत पहले ही रोक दिया गया।
इनमें शामिल सूर्यमणि सिंह ने बताया कि गौतमबुद्ध वार्ड में सभा का आमंत्रण ही नहीं दिया गया, वे खुद क्षेत्रीय भाजपा नेता हैं, लेकिन कोई सूचना नहीं दी गई। शिकायत करने जा रहे थे तो रोक दिया गया।
रवींद्रालय में प्राइवेट स्कूल प्रबंधक एसोसिएशन का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह थे।
एसोसिएशन पदाधिकारी आनंद द्विवेदी ने राजनाथ सिंह का स्वागत किया यहां नारेबाजी तो खूब हुई, लेकिन नारे के दौरान हाथ उठाते हुए मुष्ठिका बनाने को कहा गया, ताकि पंजा न दिखे।