विपक्ष के आरोपों और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से मुजफ्फरनगर दंगे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे के ऐलान के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है।
बुधवार को आनन-फानन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अफसरों को मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख तथा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये का ड्राफ्ट या चेक तत्काल देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को दंगे में घायल लोगों का नि:शुल्क इलाज कराने तथा प्रभावित लोगों से सतत संपर्क बनाए रखने को भी कहा है।
मुख्यमंत्री ने 7 सितंबर को मुजफ्फरनगर हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार वालों को 10-10 लाख, गंभीर घायलों को 50-50 हजार और मामूली घायलों को 20-20 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी।
कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने दंगा पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।
राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी भी नहीं जा सकी थी कि इसी बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान कर दिया।
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों को राज्य सरकार की ओर से घोषित सहायता राशि का ड्राफ्ट या चेक तत्काल उपलब्ध कराने का फरमान जारी कर दिया।
इसके अलावा हिंसा में घायल लोगों का नि:शुल्क इलाज कराने तथा हिंसा प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने के लिए लगातार उनसे संपर्क बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके मकान जल गए हैं उनकी सूची तत्काल बनाई जाए ताकि उन्हें भी आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।