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यूपी में कंपनी-एनजीओ-सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन करवाना हुआ बेहद आसान, अब सबकुछ ऑनलाइन

Mon, 12 Feb 2018 02:34 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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एनजीओ व सोसाइटी बनानी है या फर्म और कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराना है, तो इसके लिए अब डिप्टी रजिस्ट्रार के दफ्तर का चक्कर नहीं लगाना होगा। सरकार ने फर्म एंड सोसाइटी कार्यालयों से होने वाले रजिस्ट्रेशन की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। आवेदक अब घर बैठे खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं। एटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग से ऑनलाइन फीस भी जमा कर सकते हैं। आवेदन अप्रूव होते ही प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन की मैनुअल व्यवस्था से सरकार की छवि खराब हो रही थी। इस प्रक्रिया में दलालों की सक्रियता व भ्रष्टाचार से लोगों की परेशानी से जुड़े फीडबैक मिल रहे थे। डिप्टी रजिस्ट्रार के फैसलों पर अपील सीधे हाईकोर्ट में होने की व्यवस्था से रजिस्ट्रार या शासन का भी ज्यादा नियंत्रण नहीं था। ऐसे में डिप्टी रजिस्ट्रार दफ्तर की ‘मोनोपोली’ चला करती थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोसाइटी, फर्म व चिट्स ग्रुप के रजिस्ट्रेशन की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है। इससे आम लोगों को डिप्टी रजिस्ट्रार दफ्तर के बाहर कायम मकड़जाल से मुक्ति मिल गई है। खास बात ये है कि रजिस्ट्रेशन से नवीनीकरण तक पूरी प्रक्रिया जनहित गारंटी अधिनियम के दायरे में है। ऐसे में हर काम तय समय सीमा में निपटाना अनिवार्य हो गया है।
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खुद बाइलॉज और मेमोरेंडम बनाएं, फीस की करें गणना
व्यक्ति यदि पहली बार सोसाइटी बनाने जा रहा है और ज्यादा जानकार नहीं है तो वह विभाग की वेबसाइट पर जाकर खुद मेमोरेंडम और बाइलॉज बना सकेगा। इससे जुड़ी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। इसके अलावा किस कार्य के लिए कितनी फीस जमा करनी है, यह भी व्यक्ति खुद ही पता कर सकता है। इसके लिए फी कैलकुलेटर वेबसाइट पर है। पहले इससे जुड़ी छोटी-छोटी जानकारी के लिए दलालों का शिकार होना पड़ता था। वेबसाइट पर ही सोसाइटी, फर्म व चिटफंड पंजीकरण से लेकर नवीनीकरण, विलंब शुल्क, अनुमति शुल्क आदि का ब्योरा दिया गया है।

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एसएमएस और ई-मेल से मिलेगी हर सूचना

रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट (www.uprfsc.gov.in) पर जाकर अपनी लॉग-इन आईडी जनरेट करनी होगी। आवेदक को हर स्तर पर वन टाइम पासवर्ड मिलेगा। इसके बाद आवेदन से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक की हर स्तर की जानकारी ई-मेल व एसएमएस से मिलती रहेगी। आवेदन प्रक्रिया में यदि कोई कमी रह जाती है (हस्ताक्षर छूट गया, कोई कॉलम खाली रह गया) तो भी मेल और एसएमएस से सूचना मिल जाएगी। आवेदक अपनी लॉग-इन आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर कमी दुरुस्त कर सकता है।

फर्जी रजिस्ट्रेशन पर नकेल
मैनुअल व्यवस्था में ये शिकायतें आम थीं कि किसी एनजीओ, सोसाइटी या फर्म के रजिस्ट्रेशन में जिन लोगों को बतौर पदाधिकारी, पार्टनर या सदस्य केरूप में शामिल किया जाता था, उनमें से कई को पता तक नहीं होता था। इससे विवाद की नौबत भी आ जाती थी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में हर सदस्य के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ उसके पते के वैध प्रमाण के तहत आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि देना होगा।
 
सोसाइटी, एनजीओ का ऑनलाइन कर सकेंगे वेरिफिकेशन
एनजीओ, सोसाइटी आदि के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आम लोग कहीं से भी इनका वेरिफिकेशन कर सकेंगे। संस्था रजिस्टर्ड है या नहीं, इसका पता लगाया जा सकेगा। पहले तमाम संस्थाएं फर्जी तरीके से काम करती थीं। सरकारी सिस्टम को भी सच्चाई पता करनी होती थी तो उसमें काफी वक्त लग जाता था।
 
नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का काम तेज : रजिस्ट्रार
रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी ईश्वरी प्रसाद पांडेय ने बताया कि सोसाइटी, एनजीओ, फर्म के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पहल को लोगों ने हाथोंहाथ लिया है। थोड़े ही समय में 100 से अधिक ऑनलाइन आवेदन आए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नवीनीकरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। विभाग में वर्ष 1890 तक की पुरानी फाइलें हैं। फाइलों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा होते ही नवीनीकरण भी ऑनलाइन शुरू हो जाएगा। 
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