रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट (www.uprfsc.gov.in) पर जाकर अपनी लॉग-इन आईडी जनरेट करनी होगी। आवेदक को हर स्तर पर वन टाइम पासवर्ड मिलेगा। इसके बाद आवेदन से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक की हर स्तर की जानकारी ई-मेल व एसएमएस से मिलती रहेगी। आवेदन प्रक्रिया में यदि कोई कमी रह जाती है (हस्ताक्षर छूट गया, कोई कॉलम खाली रह गया) तो भी मेल और एसएमएस से सूचना मिल जाएगी। आवेदक अपनी लॉग-इन आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर कमी दुरुस्त कर सकता है।
फर्जी रजिस्ट्रेशन पर नकेल
मैनुअल व्यवस्था में ये शिकायतें आम थीं कि किसी एनजीओ, सोसाइटी या फर्म के रजिस्ट्रेशन में जिन लोगों को बतौर पदाधिकारी, पार्टनर या सदस्य केरूप में शामिल किया जाता था, उनमें से कई को पता तक नहीं होता था। इससे विवाद की नौबत भी आ जाती थी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में हर सदस्य के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ उसके पते के वैध प्रमाण के तहत आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि देना होगा।
सोसाइटी, एनजीओ का ऑनलाइन कर सकेंगे वेरिफिकेशन
एनजीओ, सोसाइटी आदि के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आम लोग कहीं से भी इनका वेरिफिकेशन कर सकेंगे। संस्था रजिस्टर्ड है या नहीं, इसका पता लगाया जा सकेगा। पहले तमाम संस्थाएं फर्जी तरीके से काम करती थीं। सरकारी सिस्टम को भी सच्चाई पता करनी होती थी तो उसमें काफी वक्त लग जाता था।
नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का काम तेज : रजिस्ट्रार
रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी ईश्वरी प्रसाद पांडेय ने बताया कि सोसाइटी, एनजीओ, फर्म के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पहल को लोगों ने हाथोंहाथ लिया है। थोड़े ही समय में 100 से अधिक ऑनलाइन आवेदन आए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नवीनीकरण की प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। विभाग में वर्ष 1890 तक की पुरानी फाइलें हैं। फाइलों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा होते ही नवीनीकरण भी ऑनलाइन शुरू हो जाएगा।