ऊंचाहार (रायबरेली)। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे ऊंचाहार तहसील में औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए किसानों ने मंगलवार को ऊंचाहार तहसील पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। किसानों ने किसी भी हाल में जमीन न देने की चेतावनी दी।
एसडीएम को ज्ञापन देकर इटौरा बुजुर्ग गांव के किसानों ने कॉरिडोर के लिए दूसरी जमीन चिह्नित करने की मांग की। किसानों ने आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है। सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इटौरा बुजुर्ग ग्राम पंचायत की करीब 384 बीघे जमीन अधिग्रहित करने के लिए विज्ञापन जारी किया है।
विज्ञापन छपते के जानकारी मिलते ही किसानों का गुस्सा भड़क गया है। मंगलवार को करीब 100 किसान तहसील पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाएं भी मौजूद रहीं। शोर सुनकर एसडीएम दफ्तर से बाहर निकले और समस्या पूछी। किसान सोनू मौर्य, शिवपति, जगरानी, रामलखन, सुंदरलाल, ओंकारनाथ, शारदा, दिलीप कुमार, सुखलाल, जगदीश ने एसडीएम को बताया कि हम लोगों की जीविका खेती है।
उन्होंने कहा कि जमीन पर सब्जी व अनाज पैदा कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। जमीन अधिग्रहण होने के बाद हम लोग भूखों मर जाएंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने मनमाने तरीके से जमीन चिह्नित की है। जमीन अधिग्रहित नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो किसान आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।
500 मीटर पर जमीन उपलब्ध, फिर भी दो किमी दूर बना रहे कॉरिडोर
किसान रामलखन, सुंदरलाल, ओंकारनाथ, शारदा आदि ने जिला प्रशासन को कॉरिडोर के लिए जमीन चिह्नित करने के फैसले पर सवाल खड़ा कर दिया है। आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेसवे से महज 500 मीटर दूर अप्टा गांव के पास ऊसर जमीन उपलब्ध होने के बाद भी करीब दो किमी दूर कॉरिडोर बनाकर किसानों की जमीन ली जा रही है, जो नाइंसाफी है।
ऐसा होने से सरकार को जमीन लेने में कम रुपये खर्च करने पड़ते, लेकिन जिला प्रशासन ने अप्टा गांव के पास ऊसर को चिह्नित न करकेे किसानों के रोजगार व खेती योग्य जमीन को अधिग्रहित करने का प्रस्ताव बना दिया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
इटौरा बुजुर्ग गांव के पास औद्योगिक कॉरिडोर बनाने के लिए जमीन अधिग्रहीत की जानी है। मंगलवार को किसानों ने ज्ञापन सौंपा है। उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
- सिद्धार्थ चौधरी, एसडीएम ऊंचाहार