लखनऊ। केजीएमयू में फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नरसिंह वर्मा के मुताबिक पांच प्रतिशत वजन कम करके मधुमेह के खतरे को 58 फीसदी तक टाला जा सकता है। वे विश्व मधुमेह दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। इसका आयोजन सूचना एवं प्रौद्योगिकी परिषद में किया गया।
प्रो. वर्मा ने बताया कि मधुमेह का सबसे बड़ा कारण खराब जीवन शैली, मोटापा और खानपान है। जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है। बैंटिंग ने ही इंसुलिन की खोज की थी। सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया के यूपी चैप्टर के सचिव डॉ. अजय तिवारी के मुताबिक प्रदेश में प्री-डायबिटीज रोगियों का औसत काफी ज्यादा है।
इलाज न होने पर गंभीर समस्या देता है मधुमेह
एंडोक्राइनोलॉजी और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. सुशील गुप्ता के मुताबिक सही समय पर इलाज न कराने से मधुमेह कई गंभीर समस्या दे सकता है। गोमतीनगर में हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, दुनिया में दूसरे नंबर पर डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज भारत में ही हैं।