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चारबाग रेलवे स्टेशन का नए सिरे विकास, रेलवे कॉलोनियों का होगा व्यावसायिक इस्तेमाल

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लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन के विकास से एनबीसीसी के हाथ खींच लेने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) के साथ पीपीपी मॉडल पर विकास का खाका खींचा है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं रेलवे की पांच कॉलोनियों को खाली कराकर उनका व्यावसायिक इस्तेमाल होगा। यह जानकारी लखनऊ पहुंचे उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने दी। फैजाबाद तक रूट व स्टेशनों का निरीक्षण करने के बाद शाम को चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रेसवार्ता में उन्होंने यह जानकारी दी। महाप्रबंधक ने मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण कर अत्याधुनिक एंबुलेंस व सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला रेलकर्मियों को सम्मानित भी किया। इसमें रेलवे अस्पताल की डॉ. गरिमा को कोरोना काल में विशेष सेवाओं, गोमती एक्सप्रेस से दो बार यात्रियों की जान बचाने वाली महिला आरपीएफ आरक्षी कुमारी विनीता, चारबाग स्टेशन मास्टर बबीता शाही, आरक्षण केंद्र इंचार्ज ज्योत्सना वर्मा व नर्सिंग अधीक्षक शामिल रहीं।
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महाप्रबंधक ने बताया कि उन्होंने अयोध्या स्टेशन पर दो फेज में विकास होगा। पहले फेज का काम जून तक पूरा होगा। दूसरे फेज के लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी जा रही है। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान दरियाबाद से बाराबंकी रूट पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ाकर स्पीड ट्रायल किया गया। बताया कि लखनऊ से फैजाबाद के बीच डबलिंग का काम तेजी से चल रहा है। जौनपुर से बाराबंकी के बीच डबलिंग का काम दिसंबर 2023 तक पूरा होगा। पैसेंजर गाड़ियों के संचालन को लेकर बताया कि अभी 39 गाड़ियां चल रही हैं। जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
निजीकरण के खिलाफ रेलवे यूनियन ने की नारेबाजी
रेलवे के निजीकरण व न्यू पेंशन स्कीम के खिलाफ एनआरएमयू ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर एसके वैद्य के नेतृत्व में महाप्रबंधक के सामने नारेबाजी की। उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। महाप्रबंधक ने रेलकर्मियों के हितों की अनदेखी न होने देने का आश्वासन दिया।
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डबलिंग का सीसीआरएस ने लिया जायजा
उतरेटिया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच डबलिंग का शुक्रवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) एसके पाठक ने जायजा लिया। उन्होंने इस रेलखंड पर की गई नॉन इंटरलॉकिंग के साथ डबलिंग के कार्य को भी संरक्षा के मानकों पर परखा।
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