वैसे तो लाल रंग गाड़ी को रोकने के लिए होता है, मगर लखनऊ मेट्रो
परियोजना के लिए यह आगे बढ़ने का संकेत होगा।
मेट्रो सेल को अब कैबिनेट से
मिलने वाली रेड स्लिप (लाल पर्चा) का इंतजार है। कैबिनेट के किसी भी निर्णय
का पालन संबंधित एजेंसी या विभाग इस रेड स्लिप के मिलने के बाद ही करता
है।
इसलिए मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार भेजने
के लिए बस लाल पर्चे का इंतजार है। मेट्रो सेल के अधिकारियों को उम्मीद है
कि, इस सप्ताह के अंत तक मेट्रो की डीपीआर केंद्र सरकार के अनुमोदन के लिए
भेज दी जाएगी।
मेट्रो चलाने के लिए डीएमआरसी
की रिवाइज डीपीआर मंगलवार को यूपी कैबिनेट से पास कर दी गई। इसके बाद में
अगली प्रक्रिया अब इसको केंद्र के अनुमोदन के लिए भेजने की होगी।
केंद्र से
स्वीकृति के बाद इस परियोजना के लिए करीब साढ़े छह हजार करोड़ रुपये में
से जो मदद मिलनी है, वह भी तय हो जाएगी। मेट्रो सेल के एक अधिकारी ने बताया
कि, अब इंतजार रेड स्लिप का है।
यह स्लिप कैबिनेट के फैसले की औपचारिक
पुष्टि के तौर पर संबंधित एजेंसी को भेजा जाता है। यह रेड स्लिप नोडल
एजेंसी लखनऊ विकास प्राधिकरण को भेजी जाएगी।
इसके बाद में केंद्र में
डीपीआर भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। शनिवार तक हर हाल में डीपीआर केंद्र
के सभी संबंधित मंत्रालयों में पहुंच जाएगी।
डीपीआर की प्रतियां मुख्य रूप
से नगरीय विकास मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, रेलवे
और कुछ अन्य मंत्रालयों को भेजी जाएंगी। जहां से 15 से 20 दिन में अनुमोदन
हो जाने की उम्मीद है।