प्रदेश में नर्सों के 6500 पदों में से तीन हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इन पर भर्ती शुरू करने सहित कई अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन राजकीय नर्सेंज संघ को दिया है।
उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अरविंद कुमार को नर्सों की समस्याओं का बिंदुवार निष्कर्ष निकालने के निर्देश भी दिए हैं।
राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक वीपी मिश्रा के साथ मुख्य सचिव से मिलकर समस्याएं बताई गई थीं।
नियुक्ति, पदोन्नति, केंद्र के समान नर्सिंग भत्ते, प्रशिक्षण, पुरुष नर्सों की पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी नियुक्ति, प्रदेश मुख्यालय पर पृथक नर्सिंग सेल बनाने, नर्सिंग नियमावली में संशोधन जैसी मांगे उनके सामने रखी गईं थीं।
इसके अलावा नर्सों की भर्ती न होने पर मरीजों की देखभाल प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी। वार्ता के बाद रंजन ने महत्वपूर्ण मांगे मानने की बात कही।