टीसीएस ने पहले तो इस तरह की गलती से इन्कार किया, लेकिन जब उसने सीसीटीवी फुटेज और रिटर्न सीलबंद आंसर शीट की जांच की तो पता चला कि 18 जून को इलाहाबाद के गुरु माधव प्रसाद शुक्ला इंटर कॉलेज में प्रथम पारी में द्वितीय पारी का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया और द्वितीय पारी में प्रथम पारी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया।
19 जून को एटा के पीपीएस कॉलेज में भी ऐसा ही हुआ, जहां पहली पारी में द्वितीय पारी का और द्वितीय पारी में पहली पारी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। भर्ती बोर्ड के अनुसचिव ने इसकी जांच की जिसमें तथ्य सही पाए गए।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 18 और 19 जून को दूसरी पारी में हुई परीक्षा निरस्त कर इसे दोबारा कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दो याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गईं कि परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर एक ही तरह के पेपर दोनों पारियों में वितरित किए गए। इसके लिए सुबूत के तौर पर एटा और इलाहाबाद सेंटर का उदाहरण दिया गया।
याचिकाओं पर न्यायालय कोई निर्णय देता, उससे पहले ही भर्ती बोर्ड ने शासन से विचार-विमर्श करने के बाद द्वितीय पारी की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय ले लिया।
जनवरी में निकली इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 41,520 पदों के लिए 22,78,184 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके लिए प्रदेश के 56 जिलों में 860 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो दिनों में चार पालियों में हुई इस परीक्षा में 18,94,766 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
दो माह देर हो सकती है प्रक्रिया
वर्ष 2018 के लिए हो रही भर्ती की यह प्रक्रिया अक्तूबर तक पूरी होने का अनुमान लगाया गया था। एक पारी की परीक्षा निरस्त होने से अब इस पूरी प्रक्रिया में दो माह तक का विलंब होने की संभावना जताई जा रही है।