निदेशालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को शासन स्तर से हरी झंडी मिलती है तो सीडीपीओ, मुख्य सेविकाओं और कनिष्ठ सहायिकाओं को करीब 10 बाद प्रोन्नति का लाभ मिलेगा। इससे पहले विभागीय कर्मियों का 2009 में प्रमोशन किया गया था। इसके बाद न तो भर्ती हुई और ही प्रोन्नति ही दी गई। कुल 1128 पदों को प्रोन्नति से भरने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
मार्च से ही अटका कुछ पदों पर भर्ती का प्रस्ताव
मुख्य सेविका, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी और कनिष्ठ सहायक के पदों पर भर्ती का प्रस्ताव 3 मार्च को ही शासन को भेज दिया गया था। शासन स्तर के सूत्रों का कहना है कि सभी प्रस्तावों का एक साथ परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद ही उप्र लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा जाएगा।