लखनऊ। वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) के रैन बसेरे में तीमारदारों से रुपये वसूले जा रहे हैं। केयर टेकर प्रति व्यक्ति से दो सौ रुपये ले रही हैं। अमर उजाला की रविवार और सोमवार दो दिनों तक पड़ताल में यह बात सामने आई है। दोनों दिन रैन बसरे में मौजूद सभी तीमारदारों ने वसूली होने की बात बताई।
एक तीमारदार ने बताया कि रैन बसेरे में ठहरने के लिए दो सौ रुपये देने पड़ रहे हैं। चाहे खुशी से दो या मजबूरी में, पर देना पड़ता है। वहीं, रुपये वसूल रहा व्यक्ति जो खुद को तीमारदार बता रहा है, वह कह रहा है कि केयरटेकर मैडम कहीं गई हैं। वह उसे जिम्मेदारी सौंपकर गई हैं। वह सभी से रुपये लेती हैं। वह खुद भी रैन बसेरे से जाते समय रुपये देकर जाएगा। उसने कहा कि उसे नहीं पता कि यह वैध है या अवैध, लेकिन देना पड़ता है, बस इतना पता है।
इससे पहले रविवार को की गई पड़ताल में भी तीमारदारों ने केयर टेकर की ओर से रुपये लिए जाने की बात बताई थी। साथ ही बताया था कि आधार कार्ड, बेड नंबर, नाम आदि मैडम परचे पर दर्ज करती हैं, मगर शुल्क कहीं दर्ज नहीं करतीं। जब संवाददाता ने रैन बसेरे के दफ्तर में जाकर जानकारी लेनी चाही, तो केयर टेकर का दफ्तर रविवार और सोमवार दोनों दिन बंद मिला।
पैसे न देने पर सुविधाएं रोकीं
सोमवार को रैन बसेरे में एक महिला केवल 20 रुपये कम होने के कारण स्नानघर का इस्तेमाल नहीं कर सकी। उन्होंने बताया कि पूरे 200 रुपये न देने पर उसे सुविधा से वंचित रखा गया।
Iअस्पताल की सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त हैं। अगर कोई कर्मचारी रुपये ले रहा है तो यह गलत है। इस पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रैन बसेरे की देखरेख करने वाली सुशीला धनवंतरी इस समय छुट्टी पर हैं और अक्सर ड्यूटी से अनुपस्थित रहती हैं। तीमारदारों ने वसूली से इन्कार किया है, लेकिन मैं स्वयं जांच करा रही हूं। यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।I
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- ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस, वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पतालI