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Lucknow News: स्वास्थ्य विभाग की जांच में दोषी मिले अस्पताल को बंद करने की संस्तुति, महिला की हुई थी मौत

Fri, 13 Mar 2026 07:28 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी में स्वास्थ्य विभाग की जांच में दोषी मिले अस्पताल को बंद करने की संस्तुति की गई है। गोमतीनगर के एक निजी अस्पताल में महिला की मौत हुई थी। कमेटी ने जांच के दौरान अस्पताल को दोषी ठहराया था। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर के खरगापुर स्थित आईपीएस अस्पताल में महिला की मौत मामले में नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी ने अस्पताल का संचालन बंद करने की सिफारिश की है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच में पांच महीने बाद अस्पताल को दोषी पाया था। इसके बाद भी अस्पताल का संचालन नहीं रोका गया था। अब बंद करने की संस्तुति की गई है।

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बाराबंकी के सतरिख निवासी संजय की पत्नी रोशनी (24) को 27 सितंबर को बुखार और सिरदर्द की शिकायत पर यहां भर्ती कराया गया था। पति का आरोप है कि सीटी स्कैन और खून की रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती। इससे रोशनी की हालत बिगड़ गई और आईसीयू में उसकी मौत हो गई। अस्पताल ने इस दौरान परिजनों से करीब 1.20 लाख रुपये का बिल वसूला।

पीड़ित पति ने पुलिस और सीएमओ कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः मामला उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग पहुंचा। आयोग के कड़े रुख और डीएम-सीएमओ से रिपोर्ट तलब करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। जांच कमेटी ने अस्पताल से साक्ष्य मांगे और डॉक्टरों को बयान के लिए बुलाया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं किया।
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साक्ष्यों के अभाव और लापरवाही की पुष्टि होने पर कमेटी ने अस्पताल को दोषी करार देते हुए अपनी रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेज दी थी। इसके बाद संचालन बंद नहीं कराया गया। अब नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह ने अस्पताल बंद करने की संस्तुति की है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के अनुसार, अस्पताल में चिकित्सकीय कार्य रोकने के लिए औपचारिक पत्र भेज दिया गया है।

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