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यूपी: बेसिक व माध्यमिक शिक्षा का एकीकरण कर स्कूल शिक्षा विभाग बनाने की सिफारिश

Fri, 31 Jan 2020 12:53 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
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शिक्षा - फोटो : पेक्सेल्स
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बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के बीच शिक्षा सेवा अधिकारियों के संवर्ग पुनर्गठन के लिए गठित समिति ने दोनों विभागों का एकीकरण कर एक नया स्कूल शिक्षा विभाग गठित करने का सुझाव दिया है। समिति ने दोनों विभागों के बीच अधिकारियों के तबादलों को लेकर चली आ रही खींचतान रोकने के लिए अधिकारियों को बारी-बारी से पांच वर्ष बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में तैनात करने का भी सुझाव दिया है। समिति ने पांच सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष इसका प्रस्तुतीकरण कर फैसला किया जाएगा।

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बेसिक शिक्षा की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बीते 2 दिसंबर को माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के अधिकारियों के काडर पुनर्गठन के लिए बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। समिति ने सुझाव दिया है कि स्थानांतरण से संबंधित विवादों को रोकने के लिए शिक्षा अधिकारियों (सामान्य शिक्षा संवर्ग) को पांच वर्ष बेसिक और पांच वर्ष माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात किया जाना चाहिए। एक विभाग में पांच वर्ष की अवधि पूरी होने पर उसका पदस्थापन दूसरे विभाग में कर दिया जाए। तैनाती की अवधि में पदोन्नति होने पर भी वह अधिकारी उसी विभाग में तैनात रहे तथा पांच वर्ष की अवधि पूरी करे। पदोन्नति मिलने के बाद अधिकतम दो वर्ष अतिरिक्त ठहराव बढ़ाने का भी सुझाव दिया है।

समिति ने ये सुझाव भी दिए 

स्थायी समिति का गठन हो
समिति ने दोनों विभागों के बीच अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के विवाद को दूर करने के लिए 11 दिसंबर 1997 को निर्धारित प्रक्रिया का शत प्रतिशत पालन कराने का सुझाव दिया है। इसके लिए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में तैनात प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में स्थायी समिति बना दी जाए जो बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में पारस्परिक स्थानांतरण के प्रस्तावों का परीक्षण कर सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी करे। 

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रिजवी समिति की रिपोर्ट लागू की जाए
समिति ने वित्त वेतन समिति (रिजवी समिति) की रिपोर्ट के आधार पर वित्त विभाग की ओर से 22 नवंबर 2011 और उसके बाद शिक्षा विभाग के 28 जुलाई 2015 के आदेश को लागू करने का भी सुझाव दिया है। इसके तहत राज्य शिक्षा सेवा के सम्मिलित संवर्ग के स्थान पर सामान्य प्रशासनिक संवर्ग, शैक्षिक संवर्ग तथा प्रशिक्षण संवर्ग के पदों के अलग-अलग संवर्ग गठन की व्यवस्था है। इच्छुक अधिकारी अपने मूल संवर्ग से अनापत्ति प्राप्त कर प्रतिनियुक्ति के आधार पर किसी भी संवर्ग में अधिकतम पांच वर्ष तैनात रह सकते हैं। समिति ने प्रतिनियुक्ति रिजर्व पूल की भी व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। 

विभागों का पूरी तरह बंटवारा हो
समिति ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा को विभाजित कर विभिन्न शिक्षा संस्थानों/कार्यालयों को अलग-अलग  निदेशालयों के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन करने का सुझाव दिया है। इसके लिए दोनों विभागों में पदीय संरचना की विसंगतियां दूर करने के लिए अतिरिक्त पदों का सृजन करने का सुझाव दिया है। दोनों विभागों के अधिकारियों की अलग-अलग नियमावली बनाने, दोनों विभागों के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ कर्मचारियों के लिए मुख्यालय एवं फील्ड स्तर की अलग-अलग नियमावली बनाई जाए।  शिक्षकों/प्रशिक्षकों एवं शैक्षिक प्रशासकों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन के लिए राज्य तथा जिला स्तरीय संस्थानों का दोनों विभागों के उपयोग की व्यवस्था बनाई जाए। मौजूदा अधिकारियों से प्रशासनिक संवर्ग, शैक्षिक संवर्ग तथा प्रशिक्षण संवर्ग में जाने तथा प्रशासनिक संवर्ग के अधिकारियों से माध्यमिक या बेसिक शिक्षा में पदस्थापन के लिए भी विकल्प लेने का सुझाव दिया है।

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