मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम
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समाजवादी पार्टी में ये जो बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, इसकी स्क्रिप्ट अखिलेश यादव दो महीने पहले ही लिख चुके थे। इसके संकेत अखिलेश ने बरेली में दे दिए थे। वह बरेली के 7 दिसंबर के मंडलीय सम्मेलन से पहले ही यहां आकर कह चुके थे कि पार्टी में बड़ा बदलाव होगा।
रामपुर की रथयात्रा से लौटते वक्त अपने समर्थकों के बीच कही इस बात को उस समय सपा के नेता भी गहराई से नहीं समझ पाए लेकिन जिस इत्मीनान और धीरे मन से उन्होंने ये बात कही उससे जाहिर है कि वह तभी मन कड़ा कर चुके थे।
बरेली जिले में हालात भी कुछ ज्यादा खराब थे। पार्टी जिला अध्यक्ष एक तरफ और बाकी लगभग सब दूसरी तरफ हो चुके थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 24 नवंबर को रथ यात्रा में हिस्सा लेकर रामपुर से लौट रहे थे तो बरेली के सपा नेता उस समय मंडलीय रैली की तैयारी में व्यस्त थे।
यह बात बार-बार साफ की जा रही थी कि रैली में मुलायम तो आएंगे लेकिन सीएम अखिलेश नहीं आएंगे। सपा विधायक शहजिल इस्लाम के आवास पर वह 10 मिनट रुके थे।
सीएम ने सपाइयों से बरेली की राजनीति पर भी चर्चा की थी। तब सीएम ने सपा नेताओं से कहा था कि धैर्य रखिए। सात दिसंबर के बाद बड़ा बदलाव होगा। तब इसका अर्थ यह लिया गया कि सीएम खुद रैली में आएंगे।