योगी सरकार ने एक और चुनावी वादा पूरा करते हुए समूह ‘ग’ व ‘घ’ के समस्त पदों के साथ समूह ‘ख’ के अराजपत्रित पदों की भर्ती में भी इंटरव्यू खत्म कर दिया। प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इस फैसले से भर्तियों में भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। युवाओं को अच्छी व पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी।
चल रही भर्तियां पुराने नियमों से ही
सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि जो भर्तियां नई नियमावली लागू होने के पहले से चल रही हैं। जिनके विज्ञापन आ चुके हैं और चयन प्रक्रिया जारी है, वे भर्तियां पुराने नियमों से ही पूरी की जाएंगी।
85 प्रतिशत पद इंटरव्यू से बाहर
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के एक अफसर ने बताया कि सरकार के इस फैसले से 85 फीसदी से अधिक पदों की भर्ती से इंटरव्यू खत्म हो जाएगा।
पावर सेक्टर के 44 हजार कर्मियों को 7वें वेतनमान की सौगात
प्रदेश कैबिनेट ने पावर कॉर्पोरेशन के घाटे में होने के बावजूद बेहतर कार्य संस्कृति व परफॉर्मेंस की उम्मीद करते हुए 44 हजार कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का लाभ पावर कॉर्पोरेशन, ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, उत्पादन निगम, जल विद्युत निगम और अन्य बिजली कंपनियों के कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से मिलेगा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बिजली कर्मियों को 7वें वेतनमान का लाभ देने की मांग मान ली गई है। विभाग घाटे में है, इसके बावजूद सरकार ने कर्मियों को ये लाभ देने का फैसला किया है।
इससे सरकार पर 32 करोड़ रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त खर्च आएगा और 44 हजार बिजली कर्मियों को फायदा मिलेगा। शर्मा ने बताया कि जिलों को 24 घंटे, तहसीलों को 20 घंटे व गांवों को 18 घंटे बिजली देने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। लाइन लॉस को कम करने के भी प्रयास हो रहे हैं। उम्मीद है कि कर्मी और उत्साह के साथ काम कर विभाग के लक्ष्य को पूरा करेंगे।