राष्ट्रीय पार्टी के प्रांगण में आजकल खूब बतकही हो रही है। जिस दिन धूप अच्छी हो, उस दिन तो किस्सागोई के कहने ही क्या? हर कोई अपना फलसफा पेश करता है। ऐसे ही एक बतकही वाले समूह में एक जिज्ञासु भी पहुंच गया। उसने पूछा कि इस बार पार्टी को कितनी सीटें मिल रही हैं। चर्चा में शामिल एक नेता बोले-हम यह तो नहीं बता सकते कि पार्टी कितनी सीटों पर नंबर-1 रहेगी। ये तो टिकट देने वाले बड़े नेता ही बता सकते हैं। लेकिन, नंबर-2 वाली सीटों का पूरा ब्यौरा दे सकते हैं। हमारी पार्टी कम से कम 60 सीटों पर नंबर-2 पर रहेगी।
20 लाख लुटाने का क्या मतलब
पार्टी के दफ्तर में एक नेताजी आ धमके। मीडिया के सामने जोर-जोर से कहने लगे कि टिकट के लिए 20 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। उनसे पूछा गया कि किसने मांगे? जवाब मिला-फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम नहीं बताया। सिर्फ इतना कहा कि पार्टी के दफ्तर में फलां कमरा नंबर में आ जाना। यह भी कहा कि किसी से कुछ कहना नहीं, वरना काम बिगड़ जाएगा। यहां आए तो पता चला कि टिकट किसी और को दे दिया गया। नेताजी से पूछा गया कि क्या रुपये लेकर आए थे? पहले तो इधर-उधर झांका, फिर धीरे से बोले-जब जीतने की दूर-दूर तक संभावना न हो तो 20 लाख रुपये लुटाने का क्या मतलब! उनका इतना कहना था कि वहां मौजूद सभी लोग मंद-मंद मुस्कराने लगे कि नेताजी हाईलाइट होने का तरीका ढूंढ़ रहे हैं।