हनुमान गढ़ी के पास एक गली में कारपेंटर शानू खां और राजेश मिश्रा बात करते हुए मिले। राजेश आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली अपनी कंपनी के उत्पाद शानू को बेचने आए थे। शानू कहते हैं-जिस तरह मुसलमान मक्का-मदीना और ईसाई वेटिकन सिटी जाते हैं, उसी तरह हिंदुओं का यह अंतरराष्ट्रीय तीर्थस्थल हो जाएगा। बाहरी लोगों के आने से रोजगार बढ़ेगा।
नया घाट पर मिले मो. अशफाक कहते हैं कि पहले अक्सर प्रशासन भी फसाद मात्र की आशंका में ही यहां का बाजार बंद करा देता था। इससे स्थानीय व्यापार को तो झटका लगता ही था, बाहर से बड़े उद्यमी भी यहां निवेश के लिए आना पसंद नहीं करते थे।
यहीं मिले आसिफ 25-30 वर्षों से खड़ाऊं बना रहे हैं। आसिफ हंसते हुए कहते हैं कि मंदिर बनने से यहां संतों का जमावड़ा बढ़ेगा। बाहर से भी लोग खड़ाऊं खरीदने आएंगे। अब आप समझ लीजिए इससे हमें फायदा होगा या नुकसान। रही बात मस्जिद की तो उसके लिए भी जमीन मिल ही गई है।
अयोध्या के मुख्य बाजार में अजय पांडे की घड़ियों की दुकान है। वह कहते हैं कम से कम अब प्रशासन दुकानें तो बंद नहीं कराएगा। अधिवक्ता वामदेव मिश्रा और आलोक मिश्रा भी अजय से सहमति जताते हैं।
वामदेव कहते हैं कि विवादित भूमि की ओर जाने वाली सड़कें व गलियां अक्सर ही बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दी जाती थीं। इससे यहां के हिंदू व मुसलमान सभी को दिक्कतें होती थीं। फैसले से यहां धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को भी पलायन करने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
स्वर्णिम भविष्य की होगी शुरुआत
पाबंदियों के चलते श्रीराम जन्मभूमि के दर्शन के लिए शनिवार को श्रद्धालुओं की तादाद बेहद कम रही लेकिन जन्मभूमि से जुड़े लोगों के चेहरों पर रौनक थी। श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित हनुमान प्रसाद पांडेय उर्फ विट्ठलजी ने बेबाकी से कहा, राघव की कृपा से सत्य की विजय हुई है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला अयोध्या के अलौकिक व स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत है। राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने से हर कार्य में पारदर्शिता रहेगी। विकास की रफ्तार तेज होगी और तमाम क्षेत्रों में नयापन देखने को मिलेगा। मथुरा, वृंदावन की तरह यहां भी पर्यटक बढ़ेंगे।
रामनगरी अयोध्या 2021-30 के दशक में आध्यात्मिक पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनेगी। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद यह देश ही नहीं, विश्व के हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र होगा। रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या आएंगे। इधर, योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी अयोध्या के विकास और रामनगरी को पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू कर रखी हैं। वहां एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है।
सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का आदेश दिया है। इस पर भव्य मस्जिद का निर्माण होने से देश व विदेशों के मुस्लिम भी बड़ी संख्या में अयोध्या आएंगे। इस तरह अयोध्या हिंदुओं और मुसलमानों के बड़े धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगी।
हनुमान गढ़ी चौराहे पर 40-45 साल से संचालित मिठाई की दुकान के मालिक विनय कुमार जायसवाल कहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को अयोध्या के बेहतर भविष्य की उम्मीदों से जोड़कर देखा जाना चाहिए। पहले सावन मेला, परिक्रमा, कुंभ से लौटते समय और रामनवमी पर ज्यादा श्रद्धालु आते थे। अब बारहमासी व्यापार हो जाएगा। देश-दुनिया के लोग भव्य राम मंदिर के दर्शन के लिए आएंगे।
संतों की राजनीति खत्म
आर्यावर्त षटदर्शन साधु मंडल के अध्यक्ष, नया घाट अयोध्या निवासी महंत परशुराम दास कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देकर अयोध्या के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। केंद्र सरकार के अधीन ट्रस्ट बनने से भगवान श्रीराम के मंदिर की सुरक्षा भी केंद्र सरकार ही देखेगी। यह आम संतों के बस की बात नहीं थी।
कोर्ट के फैसले से संतों की राजनीति खत्म हो गई है। राम के नाम पर सियासी दुकानें भी बंद हो जाएंगी। रामलला टेंट से भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा बनने से भी पर्यटकों को एक और स्थल मिलेगा।
राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के अर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. विनोद श्रीवास्तव कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ राम मंदिर ही नहीं, समृद्धशाली अयोध्या के लिए निर्णय दिया है।
यहां धार्मिक पर्यटन को पंख लगेंगे, होटल इंडस्ट्री आएगी, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ेगा, अच्छी सड़कें बनेंगी तो अयोध्या के बाहरी क्षेत्र में उद्योग-धंधे आएंगे। अयोध्या विश्व पर्यटन के नक्शे पर आएगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वर्ष भर पर्यटक व श्रद्धालु आएंगे।
श्रीवास्तव ने अपने एक सर्वे के आधार पर बताया कि राम मंदिर बनने से मुस्लिमों का रोजगार भी बढ़ेगा। आने वाले समय में अयोध्या के लोगों की प्रति व्यक्ति आय और जीवन स्तर बढ़ेगा।