भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह
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टोटी लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने पर अखिलेश यादव को भाजपा ने घेर लिया है। कैबिनेट मंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ये तो 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाला हाल हो गया है। अखिलेश यादव एक सम्मानित व्यक्ति हैं और वह पूर्व सीएम भी रहे चुकें हैं। उन्होंने विदेश में रहकर पढ़ाई की लेकिन जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल उन्होंने किया वह शोभनीय नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज पूर्व सीएम ने ये स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने करोड़ों खर्च कर बंगला बनवाया था। अब इनकम टैक्स वालों को देखना चाहिए कि टैक्स सही से मिल रहा है कि नहीं। आखिरकार अखिलेश ने उस बंगले में इतना पैसा कहां से लगाया। आखिर बंगले की दीवार क्यों तोड़ी गई। उन्होंने सवाल किया कि दीवार के पीछे ऐसा क्या था जो उसे तोड़नी पड़ी।
अखिलेश यादव द्वारा राज्यपाल पर की गई टिप्पणी को लेकर सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ये 'खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसा है। मंत्री ने कहा कि गवर्नर की चिट्ठी सबने पढ़ी है, जिसमें राज्यपाल ने कहा है कि जिस बंगले में अखिलेश रह रहे थे वह सरकारी संपत्ति है। इसलिए इस मामले में उन्होंने कार्रवाई की बात कही है।
वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा है कि जिस अंदाज में अखिलेश यादव प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे, उससे साफ है कि वह बौखलाए हुए हैं। ये प्रेस कांफ्रेंस 'चोर की दाढ़ी में तिनका' जैसा थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के सीएम रह चुके हैं। उनसे ऐसे उम्मीद नहीं की जाती।
चंद्रमोहन ने कहा कि जिस तरह वह बंगला छोड़कर गए हैं, क्या वैसा ही संपत्ति विभाग ने उन्हें दिया था। अखिलेश यादव जी अपरिपक्व व्यक्ति हैं, ये बात भाजपा के साथ-साथ बसपा अध्यक्ष भी कह चुकी हैं। ये अपरिपक्वता उजागर हो रही है। उन्हें तो नजीर पेश करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने जो किया उससे जनत के बीच उनकी नकारात्मक छवि दिखती है। अब उनकी हरकतों से लगता है कि समाजवादी की बात तो सिर्फ दिखावा है, वह इसके पिरीत हैं, तभी तो गेस्ट हाउस में अपना गद्दा लेकर पहुंचे थे।