मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व दिल्ली के नतीजों ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दलों को भी खुशी व मायूसी दी है।
इसका प्रभाव सूबे में राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर भी दिखा।
भाजपा में जहां जमकर जश्न मना, आतिशबाजी हुई तथा लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई, वहीं बाकी दलों में खामोशी का माहौल रहा।
भाजपा की बढ़त की खबर सार्वजनिक होते ही यहां पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी शुरू कर दी। ढोल-नगाड़ों पर ठुमके भी लगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने दावा किया कि जनता कांग्रेस से ऊब गई है। सपा और बसपा को भी पूरी तरह नकार दिया है।
नतीजों से भाजपा का उत्साह बढ़ा है जिससे लोकसभा चुनाव की तैयारियों में मदद मिलेगी। पार्टी प्रवक्ता डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि चार राज्यों में जनता ने जिस तरह सपा और बसपा को नकारा है, उससे साफ हो गया है कि लोग इन दलों की तुष्टीकरण नीति से खुश नहीं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष का फोन बंद
कांग्रेस के दफ्तर में सुबह तो कुछ चहल-पहल थी। पर, जैसे-जैसे नतीजे सामने आते गए, वैसे-वैसे कांग्रेसियों के चेहरे फीके पड़ते गए। दोपहर बाद कांग्रेस दफ्तर में सन्नाटा छा गया। खुद प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री भी मीडिया से बचते रहे।
उन्होंने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर लिये। कांग्रेस के एक कार्यकर्ता मुकेश चौहान ने कहा कि उन्हें दो राज्यों में कांग्रेस के पक्ष में अच्छे नतीजे आने की उम्मीद थी, पर, ऐसा नहीं हुआ। इस पर हम सबको आत्ममंथन करना ही होगा।
सपा व बसपा भी सन्नाटे में
सपा व बसपा भले ही किसी बड़ी दावेदारी के साथ इन राज्यों में चुनाव नहीं लड़ रहे थे, पर नतीजों ने इन पार्टियों को काफी झटका दिया है।
लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी दावेदारी करने वाले दोनों दलों को इस झटके से उबरने में समय लगेगा। सपा ने नतीजों को चिंतित करने वाला कहा है।
बसपा नेताओं ने यह कहकर कुछ कहने से मना कर दिया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती सोमवार को इस पर बोलेंगी।