इलाहाबाद व भदोही लोकसभा सीट के दो मतदान केंद्रों में फिर से वोट डाले जाएंगे। पुनर्मतदान की तारीख एक दो दिनों में घोषित की जाएगी।
दोनों ही जगह ईवीएम की गड़बड़ी के कारण चुनाव आयोग को दोबारा मतदान कराना पड़ रहा है। एक जगह मॉक पोल के वोट डिलीट नहीं किए गए तो दूसरी जगह ईवीएम में वोट ही रिकॉर्ड नहीं हुए।
दोनों ही लोकसभा क्षेत्रों में सात मई को मतदान हुआ था। इलाहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इलाहाबाद दक्षिणी विधानसभा के बूथ संख्या 296 में सुबह मॉक पोल हुआ।
वोटों में मिला अंतर
पीठासीन अधिकारी के साथ ही सभी दलों के एजेंट भी इस दौरान उपस्थित थे, लेकिन किसी को भी मॉक पोल के वोट डिलीट करने की सुध नहीं आई।
मॉक पोल के बाद सीधे मतदान शुरू करवा दिया गया। सारे वोट पड़ने के बाद जब वोटों में अंतर आया तो पीठासीन अधिकारी की हालत खराब हो गई।
रजिस्टर में दर्ज वोट व मशीन में पड़े वोट में काफी अंतर था। बाद में याद आया कि मॉक पोल के वोट डिलीट नहीं हुए हैं। इस मामले की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई।
ईवीएम था खराब
दूसरा मामला भदोही लोकसभा सीट के ज्ञानपुर विधानसभा के बूथ संख्या 225 का है। यहां ईवीएम में वोट पड़ते रहे लेकिन बीप की आवाज नहीं आ रही थी।
जब इस पर ध्यान दिया गया तो तब तक काफी वोट पड़ गए थे। इस कारण मशीन में वोट रिकॉर्ड ही नहीं हुए। इस मामले की भी जानकारी चुनाव आयोग को दी गई। आयोग ने दोनों ही जगह पुनर्मतदान करने का निर्णय किया है।
इस पर संयुक्त निर्वाचन अधिकारी रमाकांत पांडेय का कहना है कि एक जगह मशीन की खराबी थी तो दूसरी जगह थोड़ी लापरवाही हो गई। इसलिए आयोग के पास फिर से मतदान कराने के अलावा कोई चारा नहीं है।
चूंकि, पोलिंग बूथ पर पीठासीन अधिकारी के साथ ही मतदान अधिकारी व पोलिंग एजेंट भी थे। ऐसे में किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पुनर्मतदान की तारीख जल्द ही घोषित कर दी जाएगी।