मेट्रो रेल परियोजना के लिए मेट्रो सेल अब आरडीएसओ की भी मदद लेगी।
न केवल मदद, बल्कि रेल आधारित परिवहन सेवा होने के नाते कई मुद्दों पर आरडीएसओ मैनुअल (नियमावली) का सहारा लेकर भी काम करना पड़ेगा।
इस संबंध में शनिवार दोपहर मेट्रो सेल के ऑफिस में आरडीएसओ और मेट्रो के अधिकारियों की एक बैठक हुई। इसमें इससे जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें आरडीएसओ के डायरेक्टर (अरबन डेवलपमेंट एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट) राजेश कुमार और मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
बैठक के बाद राजीव अग्रवाल ने बताया कि मेट्रो एक रेल बेस्ड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम है, जिसमें आरडीएसओ की मदद लेना अनिवार्य है। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए आरडीएसओ का एक मैनुअल है, जिसका पालन किया जाना आवश्यक है। इसलिए बैठक का दौर शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि, आरडीएसओ के डायरेक्टर ने उनको नियमावली की जानकारी दी। इसके अलावा कहां कहां रेलवे की अनुमति की आवश्यकता होगी, इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में एक और बड़ी बैठक बहुत जल्द ही होगी।
एचपीसी का बना रहे एजेंडा
मेट्रो की हाईपावर कमेटी (एचपीसी) की 18 सितंबर को होने वाली मीटिंग को लेकर क्या क्या एजेंडे होने चाहिए, इस संबंध में भी मेट्रो सेल के अधिकारियों ने आपस में विर्मश किया।
इस मीटिंग में स्पेशल पर्पज व्हीकल एलएमआरसी के गठन, पुनवार्स नीति के बनने और केंद्र में डीपीआर के अनुमोदन संबंधी अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसी चर्चा को लेकर शुरुआती खाका इस बैठक में बनाया गया।