लखनऊ। कर्मचारियों का ईपीएफ-ईएसआई जमा न करने वाली पांच कार्यदायी संस्थाओं की आरसी कटेगी। इसको लेकर नगर निगम ने जिलाधिकारी को पत्र भी भेज दिया है। इन संस्थाओं ने कर्मचारियों का 35 लाख रुपये से अधिक पीएफ-ईएसआई हड़प लिया है। मामले को लेकर विधानसभा की समिति ने कार्रवाई के आदेश भी दिए थे, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन ने आरसी जारी करने के लिए पत्र भेजा है।
सफाई कर्मचारियों की कमी के चलते नगर निगम कार्यदायी संस्थाओं से कर्मचारी लगाकर करीब 15 साल से काम कर रहा है। कार्यदायी संस्थाएं जो कर्मचारी लगाती हैं, उनका ईपीएफ और ईएसआई भी नगर निगम बिल के साथ देता है, लेकिन ज्यादातर कार्यदायी संस्थाएं कर्मचारियों के खाते में जमा करने के बजाय रकम हड़प जाती हैं। ऐसे मामले कई बार सामने आए, जिसमें कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से जारी किए गए।
अब जिस मामले में पांच कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ आरसी जारी करने के लिए नगर निगम ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है, वह वित्तीय वर्ष 2013-2014 व 2014-2015 में हुई ऑडिट के दौरान सामने आया था। जांच में मामला पकड़े जाने के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं ने ईपीएफ-ईएसआई का पैसा जमा नहीं किया। इसके बाद यह मामला विधानसभा की समिति के सामने पहुंचा। वहां हुए आदेश के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं ने पैसा जमा नहीं किया। इसके बाद नगर निगम ने आरोपी पांचों कार्यदायी संस्थाओं से ईपीएफ-ईएसआई की वसूली के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
जिस संस्था की कटेगी आरसी, उसने इतना हड़पा ईपीएफ
रायश्री - 357792 रुपये
स्वच्छकार इंटर प्राइजेज - 1431168 रुपये
पटवा एसोसिएट - 357792 रुपये
ड्रैगन सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज - 357792 रुपये
आर्यन सिक्योरिटी - 1073376 रुपये