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मंत्री रविदास ने लेसा का बकाया चुकाए बिना किया नामांकन

Mon, 06 Feb 2017 04:09 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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रव‌िदास मेहरोत्रा - फोटो : demo pic
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परिवार कल्याण मंत्री और मध्य विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा पर बकाया चुकाए बिना ही नामांकन करने का गंभीर आरोप लगा है। उन पर आरोप है कि बिजली का बकाया भुगतान किए बिना ही वे चुनावी मैदान में उतर गए हैं।
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निर्वाचन आयोग के अनुसार अगर कोई प्रत्याशी गलत तथ्य छिपाकर शपथ पत्र देता है तो उसके सही पाए जाने पर उसका नामांकन रद्द हो सकता है।
रविदास मेहरोत्रा के महानगर स्थित फ्लैट पर 21 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है।

दिलचस्प यह कि उन्होंने अपने इस फ्लैट का जिक्र अपने नामांकन में किया है, लेकिन इसके लिए बिजली विभाग से एनओसी नहीं ली। उनका यह फ्लैट सेक्टर ए स्थित अमन अपार्टमेंट में हैं।

इस फ्लैट में रविदास ने जून 2013 को अपने नाम से दो किलोवाट का कनेक्शन लिया था। इस अपार्टमेंट में एक किराएदार रहता था। इस फ्लैट पर कुल 42 महीने का बिजली बिल (अकाउंट नंबर 8981749412) बकाया है।
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10 जनवरी 2017 तक बने बिल पर 21,113 रुपये का एरिअर है। नामांकन से पहले बिल जमा कर विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफेकट (एनओसी) लेना चाहिए था। शिकायत मिलने पर लेसा ने शुक्रवार को फ्लैट पर बिजली बाकी होने की जांच कराई थी, जो सही पाई गई।

हालांकि मंत्री के रसूख के आगे लेसा ने चुप्पी साध ली है। वहीं, जेई अमित चतुर्वेदी ने बताया कि करीब 20 दिन पहले बकाए के कारण फ्लैट की बिजली पोल से काट दी गई है।
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बिजली बिल का नहीं हुआ पेमेंट

रव‌िदास मेहरोत्रा - फोटो : demo pic
रविदास मेहरोत्रा के महानगर स्थित फ्लैट के कनेक्शन के अकाउंट नंबर 8981749412 की जांच करने पर पता चला कि 10 जनवरी तक के एरियर 21,113 रुपये और करंट बिल 1260 के कुल बिल 22,374 रुपये के बिल का पेमेंट नहीं हुआ है। और बकाया बिल के उपभोक्ता को एनओसी जारी होने का प्रावधान नहीं है। - आशुतोष कुमार, मुख्य अभियंता लेसा

महानगर स्थित फ्लैट अर्द्ध निर्मित है जिसमें कोई निवास भी नहीं करता। यह फ्लैट काफी समय से बंद है। इसका बिजली बिल जमा और एनओसी भी है। पर दोनो कहीं पर रख दिए जो नहीं मिल रहे। सोमवार को देने की कोशिश करेेंगे। - रविदास मेहरोत्रा, परिवार कल्याण स्वास्थ्य मंत्री

गलत व झूठे तथ्यों के साथ शपथपत्र देने पर नामांकन रद्द हो सकता है। अगर किसी प्रत्याशी ने वास्तवित जानकारी छिपा कर शपथ पत्र प्रस्तुत किया और जांच में पुष्टि हो गई तो उसका नामांकन रद्द हो सकता हैै। - अविनाश सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन
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