सीता का हरण कर अनैतिकता का परिचय दिया। रोकने का प्रयास कर रहे जटायु का वध कर दिया। हनुमान और विभीषण ने सीता को प्रभु श्रीराम को वापस कर देने का अनुरोध किया, उसे भी ठुकरा दिया।
दंभ से भरे इसी रावण को उसकी करनी का फल रविवार को मिलेगा। शहर में चल रही रामलीलाओं में कई जगहों पर रविवार को रावण उसके पुत्र मेघनाद व भाई कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। इसके बाद दशहरा मेले का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा
श्रीरामलीला समिति, ऐशबाग की ओर से होने वाली रामलीला में शहर के सबसे बड़े रावण का पुतला 111 फुट का बनाया गया है।
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पिछले 35 वर्षों से रावण का पुतला बनाते आ रहे कलाकार राजू फखीरा ने बताया कि सबसे बड़ा पुतला भ्रष्टाचार का प्रतीक है। इसके अलावा 55 फुट का एक रावण पारंपरिक रूप से बनाया जा रहा है।
तीसरा पुतला (55 फुट) मेघनाद का है। वहीं समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र अग्रवाल ने बताया कि पुतला दहन के साथ ही समाज को संदेश देने का भी प्रयास किया जाता है।
इस बार पुतले पर ‘तुष्टीकरण से कराह रहा मूल भारतीय समाज, भ्रष्टाचार से आहत विश्व गुरु भारत। महंगाई आतंकवाद से भयग्रस्त भारत, नारियों पर हो रहे अत्याचार से आहत भारत।’ स्लोगन लिखा गया है
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उन्होंने बताया कि राम 31 बाणों के जरिए पुतले का दहन करेंगे। कार्यक्रम रात नौ बजे से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि रावण की मुखाकृति कलाकार शंकर पाल से मिलती-जुलती बनाई गई है।
जो आठ साल से रावण का किरदार निभाते आ रहे हैं। इसके अलावा शहर की अन्य रामलीलाओं में भी रविवार को पुतला दहन का कार्यक्रम होगा।
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