सरकार ने अगस्त से प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सुविधा लागू करने का फैसला किया है। इस सुविधा के लागू होने के बाद शहरी इलाकों के उपभोक्ता नगरीय क्षेत्र में स्थित किसी भी कोटे की दुकान से अनाज ले सकेंगे। पर, इस सुविधा का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने कोटे का अनाज एक ही बार में लेना होगा। मिट्टी तेल के वितरण में इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। इस सिलसिले में खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रयोग और परीक्षण के लिए अभी यह सुविधा बाराबंकी, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर के शहरी इलाकों में लागू है।
आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी
खाद्य आयुक्त ने बताया कि सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नगरीय क्षेत्रों के दुकानदारों को इस प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देना शुरू कर दें ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा का लाभ लेने वाले परिवारों के राशन कार्ड लाभार्थी परिवार के किसी न किसी एक सदस्य के आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है। जिन परिवारों के किसी भी सदस्य का आधार कार्ड लिंक नहीं है उसे इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपने संबंधित कोटेदार की दुकान से ही अनाज लेना होगा।
मैनुअल वितरण नहीं
आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि पोर्टेबिलिटी सुविधा लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में कोटेदारों को मैनुअल अनाज वितरण की अनुमति नहीं होगी। जिससे एक ही कार्ड पर दो अलग-अलग स्थानों से अनाज वितरण करने की गुंजाइश न रहे। जिन स्थानों पर डोर स्टेप डिलीवरी की सुविधा लागू है वहां परिवहन ठेकेदार प्रत्येक महीने की 20 तारीख को दुकानों पर अनाज पहुंचा देंगे। जहां यह सुविधा लागू नहीं है वहां कोटेदार प्रत्येक महीने की 20 तारीख तक संबंधित गोदाम से अनाज उठाकर दुकान पर मुहैया करा देंगे ताकि उपभोक्ताओं को वापस न लौटना पड़े।