वायरस के खौफ की मार प्रदूषण से बचाने वाले मास्क पर भी पड़ी है। एक व्यापारी ने बताया कि ये मास्क थोक में 40 पैसा प्रति खरीद पड़ता था। वर्तमान में इसकी कीमत बढ़कर छह रुपये तक हो चुकी है। राजधानी में जिनके पास इस मास्क का स्टाक है, वह इसे मनमाने दाम पर बेच रहा है।
कपड़े पर मार्च से दिखेगा असर: कपड़ा व्यापारी अशोक मोतियानी ने बताया कि 30 से 35 फीसदी व्यापारी चीनी कपड़ा बेचते हैं। जनवरी में सालाना अवकाश से उत्पादन ठप रहा। वर्तमान में कपड़े का कोई संकट नहीं, पर मार्च से असर दिखने लगेगा।