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कोरोनावायरसः चीन से कच्चा माल लाने पर रोक से बढ़ीं दवाओं की कीमतें, दोगुने हुए मास्क के दाम

Fri, 06 Mar 2020 03:56 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते लखनऊ के दवा बाजारों में दवाओं की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। बाजारों में अब नए प्रिंट रेट की दवाएं भी आ गई हैं, लेकिन इनकी कीमतें बढ़ी हुई हैं। कोरोना वायरस की वजह से चीन से कच्चा माल बाजारों में नहीं आ पा रहा है।

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इससे जेनरिक दवाओं के दामों में बढ़ोतरी हो गई। पैरासिटामॉल पाउडर दो गुने दाम पर 500 रुपये किलो थोक रेट पर बाजार में बिक रहा है। इसी तरह पेट दर्द की दवा पहले प्रिंट रेट पर 13 रुपये की आती थी, अब 21 रुपये पहुंच गई है।

ओ फलॉक्सीन 180 से 210 रुपये, निमोस्लाइड 60 से 100 रुपये डिब्बा हो गया है। इसी तरह एंटीबायोटिक इंजेक्शन सेलबेक्टम की कीमत 24 रुपये से 28 रुपये पहुंच गई है। एमाक्सी फ्लाक्सासीन, सिप्रो, नारफ्लाक्सीन समेत अन्य दवाओं के रेट में इजाफा हुआ है।
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300-400 रुपये फुटकर में बिक रहा मास्क

दवा कारोबारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि दर्द निवारक, एंटीबायोटिक व एंटीएलर्जी दवाओं के दामों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अभी कुछ अन्य दवाओं के रेट बढ़ने की आशंका है। बताया कि बाजार में अभी करीब डेढ़ माह की दवाओं का स्टॉक बचा है। चीन से कच्चा माल न आने पर दवाओं का संकट गहरा जाएगा।

दवा कारोबारी मयंक रस्तोगी के मुताबिक, बाजार में एन 95 मास्क करीब 200 रुपये थोक में बिक रहा है, जबकि पहले यह मास्क 90-95 रुपये में बिकता था। फुटकर में यह मास्क करीब तीन से चार सौ रुपये में बिक रहा है। सामान्य मास्क की दर में पहले से बढ़ोतरी हुई है।
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