कार्यक्रम का एक दृश्य।
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अजमेर दरगाह शरीफ कमेटी के चेयरमैन सरवर चिश्ती ने कहा कि दुनिया में आतंकवादियों के करीब 26 समूह हैं जो सौ फीसद वहाबी विचारधारा के हैं। इमाम काउंसिल के अध्यक्ष उमैर इलयासी ने कहा कि इस्लाम के नाम पर आतंकवाद फैलाकर आतंकी न केवल मजहब को बल्कि मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं। इसलिए देश की हर मस्जिद से आतंकवादियों के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए।
सरवर चिश्ती ने कहा कि हर आतंकी हमले के बाद भारत के 20 करोड़ मुसलमानों से देशभक्ति का सुबूत मांगा जाता है। हमें देशभक्ति साबित करने के लिए किसी को सुबूत देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उनको फंडिंग करने वालों को चिह्नित करने की मांग उठाई। स्वामी सारंग ने कहा कि पाकिस्तान को अब उसकी ही जबान में सबक सिखाना होगा।
इस मौके पर मौलाना हुसैन मेंहदी हुसैनी, मौलाना मोहसिन तकवी, शाह सैयद जिया अलवी, हसनैन बकाई, सैयद कामरान चिश्ती, सैयद फराज अहमद व सैयद गुलाम बिकरिया सहित देश की कई खानखानों के सज्जादानशीन व उलमा शामिल रहे।
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
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अधिवेशन में पहुंचे उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत अशफाक उल्लाह खां और वीर अब्दुल हमीद का देश है। आज एक बार फिर लखनऊ ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए आतंक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जिस तरह आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला कर भारतीय सैनिकों को शहीद किया, उससे पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है। हमें खुशी है कि आज हर भारतीय एक स्वर में देश के साथ खड़ा है। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने आतंकवाद के खात्मे से संबंधित ज्ञापन उप मुख्यमंत्री को सौंपा। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगें पूरी कराने के प्रयास का भरोसा जताया।