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आतंकवाद के खिलाफ इकट्ठा हुए मौलाना, बोले- हिंदुस्तान पर हमला बर्दाश्त नहीं कर सकते

Sun, 24 Feb 2019 04:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा। - फोटो : amar ujala
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आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता अधिवेशन में देश भर से जुटे शिया, सुन्नी, सूफी उलमा और हिंदू धर्मगुरुओं ने एकता का पैगाम दिया। धर्मगुरुओं ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के जरिये देश की अखंडता और सौहार्द को बिगाड़ना चाहता है। उन्होंने पाकिस्तान के मंसूबों को किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देने का संकल्प लिया।

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राष्ट्रीय शिया सूफी संघ की ओर से रविवार को हुसैनाबाद के ऐतिहासिक घंटाघर पार्क में कुरआन शरीफ की तिलावत के बाद कमर वारसी ने मनकुनतो मौला नात शरीफ से अधिवेशन का आगाज किया। अध्यक्षता कर रहे शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि आज पूरी दुनिया आतंकवाद की शिकार है। इस्लाम के नाम पर मुसलमान ही मुसलमान का कत्ल कर रहा है। इस्लाम में किसी बेकुसूर की जान लेने की इजाजत नहीं है। हम एकजुट होकर पुलवामा के आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों को पनाह दे रखी है। पाकिस्तान के साथ उन लोगों की भी निंदा होनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। मौलाना आजाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अख्तरुल वासे ने कहा कि पुलवामा हमले के शिकार जवानों के कातिलों को बेनकाब कर उनको सजा दिलाना हमारा फर्ज होने के साथ हम पर कर्ज भी है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान हमारा मुल्क बाई बर्थ ही नहीं, बाई च्वाइस भी है। हम मां, मुल्क, मजहब और मातृभाषा पर हमला बर्दाश्त नहीं कर सकते।

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'आतंकी सिर्फ मजहब को ही नहीं मुसलमानों को भी बदनाम कर रहे हैं'

कार्यक्रम का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala
अजमेर दरगाह शरीफ कमेटी के चेयरमैन सरवर चिश्ती ने कहा कि दुनिया में आतंकवादियों के करीब 26 समूह हैं जो सौ फीसद वहाबी विचारधारा के हैं। इमाम काउंसिल के अध्यक्ष उमैर इलयासी ने कहा कि इस्लाम के नाम पर आतंकवाद फैलाकर आतंकी न केवल मजहब को बल्कि मुसलमानों को बदनाम कर रहे हैं। इसलिए देश की हर मस्जिद से आतंकवादियों के खिलाफ  आवाज उठनी चाहिए।

सरवर चिश्ती ने कहा कि हर आतंकी हमले के बाद भारत के 20 करोड़ मुसलमानों से देशभक्ति का सुबूत मांगा जाता है। हमें देशभक्ति साबित करने के लिए किसी को सुबूत देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उनको फंडिंग करने वालों को चिह्नित करने की मांग उठाई। स्वामी सारंग ने कहा कि पाकिस्तान को अब उसकी ही जबान में सबक सिखाना होगा।

इस मौके पर मौलाना हुसैन मेंहदी हुसैनी, मौलाना मोहसिन तकवी, शाह सैयद जिया अलवी, हसनैन बकाई, सैयद कामरान चिश्ती, सैयद फराज अहमद व सैयद गुलाम बिकरिया सहित देश की कई खानखानों के सज्जादानशीन व उलमा शामिल रहे।
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आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं देशवासी : दिनेश शर्मा

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala
अधिवेशन में पहुंचे उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत अशफाक उल्लाह खां और वीर अब्दुल हमीद का देश है। आज एक बार फिर लखनऊ ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए आतंक के खिलाफ  एकजुट होकर आवाज बुलंद की है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जिस तरह आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला कर भारतीय सैनिकों को शहीद किया, उससे पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ  आक्रोश है। हमें खुशी है कि आज हर भारतीय एक स्वर में देश के साथ खड़ा है। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने आतंकवाद के खात्मे से संबंधित ज्ञापन उप मुख्यमंत्री को सौंपा। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगें पूरी कराने के प्रयास का भरोसा जताया।
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