लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार स्थित निजी स्कूल के पास रविवार को दुर्लभ बार्न प्रजाति का एक सफेद उल्लू घायल अवस्था में मिला। स्कूल कर्मचारी देवराज की सूचना पर वन विभाग ने इसे सुरक्षित रेस्क्यू किया और इलाज के लिए लखनऊ चिड़ियाघर पहुंचाया। वन विभाग के अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति देवराज की संवेदनशीलता और साहस की सराहना की है।
चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार बिस्वाल ने बताया कि इस बार्न आउल के पंख में चोट लगी है। डॉक्टरों की टीम इसका उपचार कर रही है और पक्षी खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि इस प्रजाति के उल्लुओं का चेहरा दिल के आकार का और पूरी तरह सफेद होता है, जबकि पंख सुनहरे-भूरे रंग के होते हैं। यह अपनी साइलेंट फ्लाइट के लिए प्रसिद्ध है, जिससे शिकार को इसके आने का अहसास तक नहीं होता। अन्य उल्लुओं की तरह यह हूट नहीं करता, बल्कि एक डरावनी चीख निकालता है। मुख्य रूप से चूहों का शिकार करने के कारण इसे फसलों का रक्षक माना जाता है।