गोंडा जिले के एक अस्पाताल में एक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने पुलिस अभिरक्षा में एक बच्ची को जना है। अब दुष्कर्म पीड़िता किशोरी व बच्ची की देखरेख के लिए महिला आरक्षियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। किशोरी को दो माह पहले एक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।
मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी व आरोपी युवक को पंजाब प्रांत के लुधियाना से तलाश निकाला। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को गोंडा ले आई और अदालत के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
जनपद के वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीया किशोरी को नवाबगंज थाना क्षेत्र के हरिवंशपुर गांव का रहने वाला अजय उर्फ पित्तरदीन 3 सितंबर को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। परिवार के लोगों ने किशोरी की तलाश की। मगर जब वह नहीं मिली तो किशोरी के पिता ने थाना वजीरगंज में 12 सिंतबर को अजय उर्फ पित्तरदीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
मुकदमे के विवेचक विजय यादव ने बताया कि पहले किशोरी व आरोपी का लोकेशन गुजरात प्रांत के सूरत, बाद में महाराष्ट्र के मुंबई में पाया। इसके बाद पता चला कि वह पंजाब प्रांत के लुधियाना में हैं। लुधियाना के सेक्टर 6 से 2 नवंबर को किशोरी को बरामद करके आरोपी अजय को गिरफ्तार कर दिया गया और उसे लुधियाना के जुडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से ट्राजिंट रिमांड पर गोंडा लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया। यहां किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तो वह गर्भवती निकली। इसके बाद उसे महिला आरक्षियों की अभिरक्षा में रखा गया।
विवेचक ने बताया कि 16 नवंबर को बाल कल्याण समिति से संपर्क किया और 18 नवंबर को किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना था। मगर 16 नवंबर की रात में उसे प्रसव पीड़ा होने लगी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 17 नवंबर की सुबह उसने एक बच्ची को जन्म दिया। अब दुष्कर्म पीड़िता किशोरी और बच्ची की देखभाल में पुलिस लगाई गई है।