लखनऊ। भारतीय कला, संस्कृति और साहित्य को समर्पित त्रैमासिक पत्रिका कला वसुधा के रामलीला विशेषांक का विमोचन सोमवार को वृंदावन कॉलोनी स्थित भव्या एकेडमी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स के प्रथम स्थापना दिवस पर किया गया। इसमें देशभर के विद्वानों और कलाकारों की रामलीला पर आधारित शोधपरक एवं रचनात्मक सामग्री को स्थान दिया गया है।
मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. राम बहादुर सिंह, डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह, प्रधान संपादक अशोक बनर्जी, संपादिका उषा बनर्जी, वरिष्ठ साहित्यकार प्यारे मोहन चतुर्वेदी और चित्रकार प्रतिमा सिंह ने इसका विमोचन किया। वक्ताओं ने विशेषांक की विषयवस्तु, सांस्कृतिक महत्व व रामलीला की परंपरा पर विचार रखे। डॉ. राम बहादुर सिंह ने रामलीला को भारतीय जीवन दर्शन की जीवंत प्रस्तुति बताया। डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने इसके सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील चतुर्वेदी, नीरज कुशवाहा आदि थे।