समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव के सगे भांजे व विधान परिषद सदस्य अरविंद प्रताप यादव को पार्टी से निकाल दिया।
अरविंद पर जमीन कब्जाने से लेकर गुंडागर्दी करने तक के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि अरविंद ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया है।
इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए रामगोपाल यादव के बेटे व फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि परिवार में सभी नेताजी का बहुत सम्मान करते हैं, अरविंद ने उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं कहा।
वहीं, जमीन कब्जाने के आरोपों पर अक्षय का कहना है कि पहले इस मामले की जांच की जानी चाहिए फिर कार्रवाई की जाए। अरविंद ने रविवार सुबह ही सीएम अखिलेश यादव से मिलकर अपना पक्ष रखा था और शाम को उन्हें निष्कासित कर दिया गया।
अरविंद पर की गई कार्रवाई के बाद एक बार फिर सपा में पारिवारिक विवाद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।