अयोध्या में भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्म के अध्ययन के लिए रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि संस्कृति विभाग की ओर से आगामी सौ दिन में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महर्षि विद्यापीठ ट्रस्ट के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के लिए ट्रस्ट की ओर से 21 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने सौ दिन की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि अयोध्या शोध संस्थान तहत राम नवमी के अवसर पर ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ द रामायण के तहत 10 ग्रन्थों का प्रकाशन एवं विमोचन किया जाएगा। इससे विज्ञान एवं आध्यात्म के अनेक पहलुओं को जनता तक पहुंचाया जाएगा। मई में लखनऊ में जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के लिए शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया जाएगा। इसी प्रकार कबीर अकादमी, मगहर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण होगा। इसी प्रकार एडाप्ट हेरिटेज पॉलिसी के तहत 9 राज्य संरक्षित स्मारकों पर रूचि की अभिव्यक्ति के जरिये स्मारक मित्र बनाए जाएंगे।
बैठक के बाद पर्यटन मंत्री ने बयान जारी कर बताया कि संस्कृति विभाग के राज्य पुरातत्व विभाग के आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर नई दिल्ली के साथ संरक्षित स्मारक छतर मंजिल एवं फरहत बक्श कोठी के पुर्न उपयोग की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पुरातत्व अभिरूचि पाठ्यक्रम का आयोजन जून में किया जाएगा। भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय के तहत नवीन पाठ्यक्रम की शुरूआत के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य ललित कला अकादमी में कलाकृति विक्रय केन्द्र की स्थापना की जाएगी। राजकीय अभिलेखागार द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र भारत सरकार की योजना के तहत पाण्डुलिपि रिसोर्स सेंटर की स्थापना की जाएगी। कलाकारों को क्यू.आर कोड परिचय पत्र जारी किया जाएगा। राज्य संग्रहालय लखनऊ के प्राणिशास्त्र अनुभाग की लगभग 2000 कलाकृतियों का डिजिटल ईएडाक्यूमेंटेशन किया जाएगा।
ओडीओपी की तर्ज पर मिलेगा प्रोत्साहन
संस्कृति विभाग के निदेशक शिशिर ने कहा कि स्थानीय कलाओं, व्यंजनों, वेश-भूषा, लोक जीवन, हस्तशिल्प, संगीत, लोकगीत को ओडीओपी की तर्ज पर प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।