श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्त समिति की बैठक में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रस्ट के किसी भी कर्मचारी, इंजीनियर अथवा संविदाकर्मी के वेतन और भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा सभी भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किए जाएं।
शनिवार की शाम हुई बैठक में वित्त समिति के सदस्य एवं राम मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर जगदीश तथा ट्रस्ट के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय समेत बैठक के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि बैंक के साथ हुए एमओयू की सभी शर्तों की समीक्षा कर उन्हें और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में वित्तीय अनियमितता या प्रक्रिया संबंधी किसी भी प्रकार की चूक की संभावना समाप्त हो सके। वित्त समिति की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही नई कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में तकनीकी सुधारों पर विशेष फोकस रहा। तय हुआ कि प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल ऑडिट ट्रेल सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे बाद में उसकी जांच और सत्यापन आसानी से हो सके। दान की प्राप्ति, जमा और भुगतान की प्रक्रिया की नियमित आंतरिक समीक्षा की जाएगी।
बैंक के साथ समन्वय बढ़ाकर अलर्ट एवं सत्यापन प्रणाली को और मजबूत करने पर भी विचार किया गया। बैठक में इस बात पर भी मंथन हुआ कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए दान प्रबंधन से जुड़े सभी प्रोटोकॉल की समीक्षा कर आवश्यक सुधार लागू करने पर सहमति बनी।