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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अब सीए के जरिये ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की होगी गहन जांच, एसआईटी में मिलेगी जगह

Tue, 28 Jul 2026 06:27 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Ram temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनी नई एसआईटी की टीम में इस बार सीए की नियुक्ति भी की जाएगी। 
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राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के जरिए ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, मतलब पूरे आय-व्यय की गहनता से जांच की जाएगी। अब तक इस पहलू को एसआईटी ने बारीकी से नहीं देखा था। जल्द शासन आईपीएस की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में सीए को शामिल करेगा।

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पहली एसआईटी की सिफारिश पर ही एफआईआर हुई थी। जिन लोगों को चिह्नित किया था, वे सभी जेल भेजे गए थे। अयोध्या पुलिस केस की विवेचना कर रही है। इसके पहले की एसआईटी आईएएस की अध्यक्षता में गठित की गई थी, जिसमें एक आईपीएस व विशेष वित्त सचिव शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईपीएस किरण एस. की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई, जिसमें अयोध्या रेंज के आईजी आईपीएस सोमेन बर्मा व अयोध्या के एसएसपी आईपीएस डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी में सीए को शामिल करने का आदेश दिया है।

दरअसल, एसआईटी ने चोरी की घटना को केंद्र में रखकर ही जांच की है। उसी पहलू पर पुलिस की विवेचना भी चल रही है। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है और राम मंदिर से जुड़ा है, इसलिए ट्रस्ट के आय-व्यय की बारीकियों की जांच अहम है। यही वजह है कि कोर्ट ने सीए को शामिल करने का आदेश दिया। अब अगले दो सप्ताह तक नई एसआईटी जांच करेगी। संभावना है कि इस जांच में कई अहम और बड़े तथ्य उजागर हो सकते हैं।
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अगर गड़बड़ी मिली तो फिर बढ़ेगा जांच का दायरा
अब तक जो जांच हुई, उसमें स्पष्ट हुआ था कि दान राशि की गणना के दौरान ही रकम पार की जाती रही थी। लेकिन अब जो जांच होगी, उसमें ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक के ऑडिट की जांच की जाएगी। हालांकि पहली एसआईटी ने इस पहलू पर जांच की थी, लेकिन उसमें बहुत गहनता से जांच नहीं की गई थी। अब इस पहलू की तफ्तीश बेहतर ढंग से होगी। अगर इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो ट्रस्ट के कोष के जिम्मेदार भी जांच की जद में आएंगे।

एसआईटी ने शुरू की जांच
चूंकि नई एसआईटी में अयोध्या आईजी व एसएसपी अयोध्या हैं, ऐसे में उन्हें मामले की पूरी जानकारी पहले से ही है। एसएसपी के पर्यवेक्षण में ही केस की विवेचना चल रही है। लिहाजा, हर एक तथ्य से वे वाकिफ हैं। अब एसआईटी के तौर पर दोनों अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पहली एसआईटी की जांच में जो तथ्य आए हैं, उनसे संबंधित दस्तावेज ले लिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट को भी शामिल कर लिया है। एक-दो दिन में एसआईटी के अध्यक्ष आईजी रेंज, लखनऊ भी अयोध्या जा सकते हैं।
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