फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या: इस मॉडल पर बने दिव्य पोर्टेबल मंदिर में विराजेंगे रामलला, घर-घर पहुंचाने की तैयारी

Wed, 04 Mar 2020 05:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
विज्ञापन
पोर्टेबल राम मंदिर बनाने का नक्शा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।

विज्ञापन

हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी।।...

यह स्तुति जल्द ही आप अपने घर में रामलला के अलौकिक विग्रह के समक्ष कर सकेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट धर्म व वास्तुशास्त्र की हर कसौटी पर विराजमान रामलला का दिव्य पोर्टेबल मंदिर उपलब्ध कराने जा रहा है। करीब 14 किलोग्राम वजन के 4 फीट लंबे, दो फीट चौड़े और दो फीट ऊंचे मंदिर में तीन तरफ से रामलला के दर्शन होंगे। सबसे पहले इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गिफ्ट करने की तैयारी है।

जाकर नाम सुनत सुभ होई। मोरें गृह आवा प्रभु सोई...राममंदिर बनने के साथ-साथ यह भक्तिमय उल्लास गांव से लेकर घर-घर तक जगाने की योजना पर काम शुरू होगा। संत-धर्माचार्य कहते हैं कि धर्म व वास्तुशास्त्र की हर कसौटी पर बने राममंदिर में विराजमान रामलला की अनुकृति की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आएगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक यह एक अभिनव प्रयोग है राममंदिर को घर-घर तक पहुंचाने का।
विज्ञापन


कोलकाता में इसे बनाने का काम सौंपा गया है। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री के लिए एक मॉडल करीब पौने तीन लाख में बन रहा है। पहले चरण में एक हजार मंदिर बनने हैं। संख्या बढ़ने के साथ इसकी लागत भक्तों तक पहुंचाने में 10 हजार रुपये तक आने की उम्मीद है।

ऐसा होगा पोर्टेबल राममंदिर

चंपत राय - फोटो : file photo
चंपत राय के मुताबिक पोर्टेबल राममंदिर 48 इंच लंबा, 24.59 इंच चौड़ा और पताका के साथ 57.6 सेमी ऊंचा होगा। यह फाइबर से बनेगा, जिसकी आयु 50 साल से अधिक होगी। चारों तरफ से कास्ट फ्रेम और शीशे से पैक होगा। इसका कुल वजन 14 किलो होगा। इसमें भी रामलला का वही दृश्य उपस्थित होगा, जैसा अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राममंदिर का होगा। तीन तरफ से गर्भगृह में विराजमान रामलला का भक्त दर्शन कर सकेंगे।

काशी की तरह बने अयोध्या
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अयोध्या को भी काशी की तरह विकसित करना चाहिए। यह विश्व की धार्मिक सांस्कृतिक राजधानी है। इसका स्वरूप भी विश्व के लोगों को आकर्षित करने वाला होना चाहिए। उन्होंने काशी में प्रधानमंत्री के प्रयास से बन रहे कॉरिडोर समेत तमाम कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे ही कॉरिडोर की आवश्यकता अयोध्या में भी जताई।

अप्रैल में हो सकती है ट्रस्ट की अगली बैठक

विहिप के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय - फोटो : फाइल
श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा ने मंगलवार की देर शाम राम मंदिर के ट्रस्टी निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास से उनके आश्रम पर जाकर मुलाकात की। मुलाकात में राम मंदिर निर्माण की तिथि सहित अन्य कई मुद्दों पर वार्ता हुई ।

महंत दिनेन्द्र दास ने बताया कि रामनवमी से पहले ही रामलला को नए गर्भ गृह में शिफ्ट करने की तैयारी जोरों पर है। ट्रस्ट रामनवमी में रामलला को नए घर में स्थापित करना चाहती है। महंत दिनेन्द्र दास ने बताया कि राम मंदिर निर्माण की तिथि को लेकर भी चर्चा हुई। जो कि अगली बैठक में तय की जाएगी। बताया कि रामनवमी के बाद ट्रस्ट की अगली बैठक अप्रैल में हो सकती है। बैठक में ही निर्माण की तिथि व मुहूर्त तय होगा।
विज्ञापन

होली के बाद शुरू होगी पत्थरों की सफाई

- फोटो : PTI
रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में तराशे गऐ पत्थरों की चमक धूमिल पड़ गई है। ये पत्थर कार्यशाला में 28 साल से खुले आसमान में रखे हुए हैं। ये बदरंग हो गए व काई जम गई है। सफाई की योजना पर काम शुरू हो चुका है।

चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने मंगलवार की सुबह रामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला पहुंचकर पत्थरों की साफ-सफाई पर रणनीति बनाई। माना जा रहा है कि होली के बाद से पत्थरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें