अयोध्या में प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा गुजरात के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से भी ऊंची होगी। बताया जा रहा है कि प्रतिमा की कुल ऊंचाई 201 मीटर हो सकती है, जो कि विश्व की न सिर्फ नायाब प्रतिमा होगी, बल्कि सबसे ऊंची भी होगी। हालांकि, ऊंचाई को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। प्रतिमा के निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर कहा था कि प्रभु राम के मंदिर निर्माण के लिए भले ही हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना पड़े, पर अयोध्या को भव्य रूप देने से हमें कोई नहीं रोक सकता।
इसी के तहत योगी सरकार ने अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का फैसला किया है। इसके लिए अक्तूबर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की बैठक भी हो चुकी है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, प्रतिमा की कुल ऊंचाई 201 मीटर हो सकती है। इसमें 50 मीटर का पेडस्टल और 151 मीटर की प्रतिमा बनाने पर विचार किया जा रहा है।प्रतिमा के ठीक नीचे पौराणिक कथाओं पर आधारित म्यूजियम होगा। हालांकि, जब ईओआई मांगा गया था, तो 151 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने की योजना थी। इसमें 43 मीटर का पेडस्टल और 108 मीटर की प्रतिमा का निर्माण प्रस्तावित था।
शासन के सूत्रों के मुताबिक, ऊंचाई को लेकर फैसला बदले जाने से आर्किटेक्ट के लिए नए सिरे से ईओआई आमंत्रित करने पड़ेंगे। यह इसलिए भी जरूरी है, ताकि कोई इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में न जा सके और निर्माण कार्य तेज गति से हो सके। इंजीनियरों के मुताबिक, 151 मीटर ऊंची प्रतिमा की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन ऊंचाई 201 मीटर रखे जाने की स्थिति में इसका बजट 3000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।