बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी एसआईटी ने संदिग्ध बताई है। लेकिन उन पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारी विवेचना जारी होने की बात कह रहे हैं। वहीं बैठक में इसको लेकर भी कोई चर्चा नहीं की गई कि आखिर चंपत राय ने टिन्नू यादव को इतने अधिकार क्यों दे रखे थे। क्योंकि टिन्नू के पास गणना कक्ष व दान पात्रों की चाबियां होना भी चोरी की बड़ी वजह रही है।
अब पूरी कमान कृष्ण मोहन के हाथ
चोरी का खुलासा होने के बाद चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने की थी। इस्तीफा स्वीकार करने को लेकर छह जुलाई की बैठक की जानकारी भी गोविंद गिरी ने जारी की थी। प्रेस वार्ता भी की थी, लेकिन अब पूरी कमान अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के पास है। इसलिए बुधवार को हुई बैठक का ब्योरा उन्होंने ही जारी किया।
नियम और सख्त करने के निर्देश
बैठक में पदाधिकारियों ने तय किया कि ट्रस्ट की वित्त समिति जल्द ही बैंक अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। एमओयू के जो नियम व शर्तें हैं, उनको पूरी तरह से लागू करने और उनको अधिक पुख्ता करने संबंधी कदम उठाए जाएंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो।