गोमतीनगर के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में बिना बड़ा चीरा लगाए दिल का ऑपरेशन शुरू हो गया है। कार्डियो वैस्कुलर थोरेसिक सर्जरी (सीवीटीएस) विभाग के डॉक्टरों ने इस आधुनिक सर्जरी की मदद से दो ऑपरेशन किए और दोनों मरीजों की हालत पूरी तरह ठीक है।
सीने पर चीरा लगाने की बजाय ढाई इंच से छेद और हार्ट-लंग मशीन की मदद से ये सर्जरी की गई और दिल के छेद को बंद कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इस सर्जरी की सुविधा के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार होगा और वो कम समय में ठीक होकर घर जा सकता है।
लोहिया संस्थान के सीवीटीएस विभाग के डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि जब मरीज पहुंचे तो दोनों की एक जैसी समस्या थी। फैजाबाद की आस्था (7) और उन्नाव के दिनेश साहू (30) के दिल में छेद था।
मरीजों को परेशानी कम हो इसके लिए मिनीमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी प्लान की गई।
डॉ. डीके श्रीवास्तव के मुताबिक आस्था के दिल में छेद होने की वजह से अशुद्ध रक्त, शुद्ध रक्त में मिल रहा था जिससे उसको थकान के साथ कमजोरी रहती थी।