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वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार को देखते हुए पीएचसी, सीएचसी को सतर्क करें: योगी

Mon, 29 Jun 2020 11:39 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कोरोना संक्रमण और वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता के संबंध में प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एक से 31 जुलाई तक चलने वाले सचांरी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को संचारी रोगों के संबंध में सतर्क रखा जाए। 
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उन्होंने कोरोना संक्रमण को देखते हुए गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद समेत मेरठ मंडल के सभी जिलों में पूरी सतर्कता व सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री सोमवार को लोकभवन में उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। उनमें बेड की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। 
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कहा कि उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ  नियमित राउंड लें। 24 घंटे में कम से कम एक बार मरीज के परिजनों को रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी आवश्य दी जाए। ‘108’, ‘102’ और एएलएस एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। 
 
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उन्होंने टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग करने निर्देश दिए। कहा कि ट्रू-नैट मशीनों तथा रैपिड एंटीजेन टेस्ट मशीनों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। 

संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निजी चिकित्सालयों में ट्रू-नैट मशीनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि रविवार को प्रदेश में 22,378 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। प्रदेश में 25 सरकारी तथा 17 निजी प्रयोगशालाएं टेस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं।

ओपीडी वाले अस्पतालों में कोविड डेस्क अनिवार्य
सीएम योगी ने कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के कार्य को तेज गति से जारी रखने के निर्देश दिए है। कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। निजी चिकित्सालयों को हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए।

यह सुनिश्चित किया जाए कि ओपीडी संचालित करने वाले अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित हो। उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी व मास्क का उपयोग बढ़ाने के लिए जागरूकता की जरूरत है। इसे देखते हुए प्रचार अभियान को और गहन व प्रभावी बनाया जाए। होर्डिंग्स को ऐसे स्थानों पर लगाए जाएं, जहां से वे आसानी से लोगों को नजर आए।
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