आज भी हिंदू भारत में अपने स्थान को नहीं पा सका। राम मंदिर का निर्माण सोमनाथ मंदिर की शैली में हो, यही बेहतर होगा। यह बात जगन्नाथपुरी से आये गोवर्धन मठ पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कही।
वे राष्ट्रोत्थान अभियान के तहत नगर में आने पर शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए कांग्रेस व भाजपा की सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर काफी प्रयास किया।
आजादी के बाद राजनेताओं ने हिन्दू दमन की नीति अपनाई है जो सर्वथा अनुचित है। आज हमारे देश में हमारा अपना कुछ नहीं है, कानून है तो अंग्रेजों का बनाया। आज भी हिंदू भारत में अपने स्थान को नहीं पा सका। राम मन्दिर का निर्माण सोमनाथ मंदिर की शैली में हो यह बेहतर होगा।